Category Archives: hindiblogs

क्षणे क्षणे यत् नवतां उपैति, तदेव रूपं ….

क्षणे क्षणे यत् नवतामुपैति तदेव रूपं ……. पिंकी का रूप २१ जनवरी के पश्चात चर्चा का सुयोग आज बन पाया है। इस बीच कई मीठे व कसैले अनुभव जीवन की पुस्तिका के नए जुड़े पन्नों पर अंकित हो गए हैं … पढना जारी रखे

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कुझ रुख मैनूं पुत लगदे ने, कुझ रुख लगदे माँवाँ

कल एक समाचार आ रहा था कि विश्व में जिस देश को अपनी सुरक्षा का खतरा जहाँ से हुआ उसने उसे तबाह कर दिया। उदाहरण के रूप में अमेरिका का लादेन की खोज में अफगानिस्तान, इजरायल को तो अभी अभी … पढना जारी रखे

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आपको कंडोन नहीं कंडेम बोलना था

२००८ २००८ वर्ष २००८ ईस्वी सन् की अपनी अन्तिम चर्चा करते हुए भोर के ४ बजे मुझे इस कल्पना से अत्यन्त हर्ष हो रहा है कि चिट्ठाचर्चा के लिए इस वर्ष का यह अन्तिम पखवाड़ा बहुत महत्वपूर्ण रहा है। क्य़ों … पढना जारी रखे

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हल्की शीत की उत्तरभारतीय सिहरन के बीच : अपनी आग में निरंतर दहक रहा देश

रविवार की इस नौ नवंबरी प्रभात की वेला में हल्की शीत की उत्तरभारतीय सिहरन के बीच घरों के दुशाले, कम्बल, शाल, निकालते-ओढ़ते-पहनते भारतवासियों का देश अपनी आग में निरंतर दहक रहा है; जबकि पूरे देश को एक करने वाली शीत … पढना जारी रखे

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रविवार्ता का उत्तरपक्ष और `बीजल चिट्ठी’

कल की चर्चा पर आई सभी साथियों की टिप्पणियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए यह स्पष्ट कर देना आवश्यक लगा कि उसमें बात चिट्ठाचर्चा के नाम में परिवर्तन की नहीं की गयी, अपितु हिन्दीभाषा के शब्दकोष को समृद्ध करने … पढना जारी रखे

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रविवार्ता : वाह सजण….. वाह सजण

यह सप्ताह बड़ा उथल पुथल वाला रहा है। भारत में लगता है कि लगभग गृहयुद्ध की -सी स्थितियाँ आ गई हैं। एक ओर जहाँ कुछ माह पूर्व हिन्दी भाषियों की हत्याओं का सिलसिला था, वहाँ एक पर एक बम विस्फोट … पढना जारी रखे

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मेरी दुनिया है मां तेरे आँचल में…

आइए, आज मातृ दिवस पर केंद्रित चिट्ठों की चर्चा करें. यदि आप मल्टी टास्किंग कर सकते हैं – यानी कि चिट्ठे पढ़ते पढ़ते संगीत या वार्ता सुन सकते हैं तो आपके लिए ये हैं दो कड़ियाँ. रेडियोवाणी पर मां के … पढना जारी रखे

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