Monthly Archives: मई 2010

बेकार के विवादों की निन्दा करना भी उन्हें बढ़ावा देना है

विनीत कुमार ने कल बज पर लिखा: चार लड़कियां एक साथ। किसी के हाथ में मदर डेरी दूध की थैली,किसी के हाथ में लीची,एक के हाथ में कोक और एक के हाथ में सब्जी की पॉलीथीन। सब मैगजीन की दूकान … पढना जारी रखे

अनूप शुक्ल में प्रकाशित किया गया | 3 टिप्पणियाँ

फत्तू की कहानियाँ

कहानी नं. 1   🙂 फ़त्तू की सास का आई.क्यू. तो पता चल ही चुका है, आज ससुर का भी आई.क्यू. देख लीजिये। फ़त्तू अपनी ससुराल गया तो घर में केवल उसका ससुर ही था। थोड़ी देर के बाद फ़त्तू, … पढना जारी रखे

रविरतलामी में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

देसी तबेले में गर्मी बहुत है

उफ्फ गर्मी बहुत है…आग लगी है…प्‍यास लगी है। बिजली है…पंखे हैं…एसी भी है पर गर्मी फिर भी है। कमरा ठंडा है पर एसी अंदर की गर्मी बाहर फेंके दे रहा है पर यहॉं से वहॉं चले जाने से गर्मी खत्‍म … पढना जारी रखे

chitthacharcha, masijeevi में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

….पढने के पहले टिपिया लें!

एक लाईना यशस्वी ब्लॉगर भवः !! :पैरोडी लेखनम कुरु उन्माद सुख …. :टुन्नावस्था की सहज उपलब्धि ऎ बहुरिया साँस लऽ, ढेंका छोड़ि दऽ जाँत लऽ : उनका फ़िरि-फ़िरि टिपियान दे! गबन की राशि लौटाने को कोषाध्यक्ष के नाम खुला पत्र … पढना जारी रखे

अनूप शुक्ल में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

चिट्ठाचर्चा – बरास्ते पीडी : हिन्दी ब्लॉगिंग आखिर किस चुड़ैल का नाम है?

हिंदी ब्लॉगिन्ग को लेकर मेरी समझ मैं पहले ब्लौगिंग की प्रकृति को समझना जरूरी समझता हूँ फिर हिंदी ब्लॉगिंग की बात करूंगा.. ब्लॉग लिखने वाले सभी व्यक्ति जानते होंगे कि ब्लॉग शब्द "वेब लॉग" को जोड़कर बनाया गया है, और … पढना जारी रखे

रविरतलामी में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

एक नन्हीं सी बेटी बड़ी हो गई

नमस्कार मित्रों! मैं मनोज कुमार एक बार फिर चिट्ठा चर्चा के साथ हाज़िर हूं। अदत से लाचार हूं। चर्चियाने से पहले बतियाने की आदत सी पड़ गई है। हमें लगता है हमें ऐसा समाज बनाना चाहिए जिसमें जाति, जातिसूचक शब्‍द, … पढना जारी रखे

चिट्ठा चर्चा, मनोज कुमार में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

दुविधा से मुझे डर लगता है वेताल

एक सहचर्चाकार आजकल गायब हैं उनसे पूछा कि ऐसा कयों ? उन्‍होंने कहा कि यार कुछ बोर होने लगे हैं कुछ नया दिखता ही नहीं ब्‍लॉग पर.. हमें हैरानी हुई इतने ब्‍लॉगर इतने पुरस्‍कार, इतने विवाद, कुत्‍तों से लेकर चॉंद … पढना जारी रखे

मसि‍जीवी, chithacharcha, masijeevi में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे