Monthly Archives: सितम्बर 2008

ब्लागिंग आनलाइन चौपाल है

आज की चर्चा की शुरुआत एक गुलगुली खबर से। खबर ये है कि अगड़म-बगड़म लेखक आलोक पुराणिक आज के दिन ही पैदा हुये थे। यहां वनलाइनर जो आप देखते हैं उनको जारी रखवाने और लगातार लिखवाने के पीछे आलोक पुराणिक … पढना जारी रखे

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बेटी दिवस के बाद कद्दू दिवस

कल इतवार को होने के कारण चिट्ठाबाजी लगता है कुछ कम हुई। टिपा-टिपौव्वल में भी मंदी सी दिखी। बहरहाल चलिये थोड़ा चर्चा हो जाये। विभूति नारायण राय प्रख्यात पुलिस अधिकारी, साहित्यकार हैं। उनका उपन्यास’शहर में कर्फ़्यू’ काफ़ी चर्चित रहा। उन्हें … पढना जारी रखे

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हौसलों की उड़ान क्या कहिये

आज बेटी दिवस है। दुनिया की सारी बेटियों को यह दिन मुबारक। बेटियों के साथ आज ब्लागर अनिल सिंह का भी दिन है। अनिल को जन्मदिन मुबारक। जन्मदिन तो आज लता जी का भी है। उनके स्वर कोकिला से स्वर … पढना जारी रखे

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… भेजा शोर करता है

आज की चर्चा में अगर भाषा की गंदगी नजर आये तो उसे वैसे ही नजरअंदाज कर दें जैसे भारत के हर शहर की हर गली में बिखरे कूड़े को नजर अंदाज करते आये हैं। भारत की डेमोक्रेसी की सबसे बड़ी … पढना जारी रखे

chitthacharcha, Tarun में प्रकाशित किया गया | 12 टिप्पणियाँ

एक चोखेर चर्चा..

कहने को आप कह सकते हैं कि इस मंच का इस्तेमाल किया जा रहा है , सो ठीक ही कहेंगे आप सुधिजन ! पर हम भी आदत से मजबूर ठहरे । इस मुश्किल वक़्त में जब कि कोसी विनाश लीला … पढना जारी रखे

सुजाता में प्रकाशित किया गया | 10 टिप्पणियाँ

एक लाइना और कुछ टिप्पणी चर्चा

हमने वायदा किया था कि एक लाइना पेश किये जायेंगे सो पेश कर रहे हैं। हालांकि हमें यह भी पता है तमाम साथियों ने रश्मी तौर पर लिखा होगा कि इंतजार है लेकिन हम उसे सच मान रहे हैं। अगर … पढना जारी रखे

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100 % रीयल हाईस्कूल फेयरवेल स्पीच…

आमतौर पर फेयरवेल स्पीच (अलविदा व्याख्यान?) बड़ी मेहतन से तैयार किए जाते हैं, मगर उनमें से कुछेक ही याद रखे जाते हैं. ये वाला फेयरवेल स्पीच भी ऐसा ही है, और अनंत मर्तबा, युगों युगों तक फारवर्ड होने का माद्दा … पढना जारी रखे

चिट्ठचर्चा, चिट्ठा चर्चा, रविरतलामी, chitha charcha में प्रकाशित किया गया | 4 टिप्पणियाँ