Monthly Archives: जून 2007

यह चिट्ठाचर्चा है अनदेखा न करें !!

शुक्रवार के सारे चिट्ठे यहाँ देखें अब तलक न देखे हो तो ।चिट्ठाजगत को सरकते हुए लोग बाग परीक्षण पोस्ट डाल रहे है और हम देख रहे है कि देखें कि अनदेखा कर दें । खैर यह तो सिद्ध हुआ … पढना जारी रखे

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बदलते ईंधन (?) का असर

अब हुआ कुछ यूँ कि ऊद़्अनतश्तरी के फ़्यूल टेंक में प्लाज्मा की कमी होने के कारण वातावरण के हितेषियों की बात सुन कर e-85 का ईंधन डालागया. टैंक को पूरा भर दिया गया ये बिना सोचे कि आखिरकार E-85 में … पढना जारी रखे

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उंगलियां गिन न पाईं कभी एक पल

कुछ चिट्ठे हैं एक दिवस मेंदस दस पोस्ट किया करते हैंदुरुपयोग है संसाधन का ऐसा कुछ मुझको लगता हैऔर व्यर्थ के जो विवाद का झंडा लेकर घूमा करतेउन चिट्ठों की चर्चा से मेरा यह कुंजीपट बचता है उंगलियों ने मेरी … पढना जारी रखे

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तो यूं हुआ अल्लाह और शिव के बीच संवाद

हिंदी ब्लॉगिंग अब धीरे धीरे युवा हो रही है ! यहां विवाद भी हैं , संवाद भी हैं ! सपने हैं अपने हैं , तकरार है , कटाक्ष है , कराह है –भक्ति ,धर्म, आध्यात्म, विज्ञान , सामाजिक सरोकार ,अपील, … पढना जारी रखे

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एक फुलकी खुश्बु है, कीसी दीलकी जुबानी है

कोई मलयाली, हिन्दी में चिट्ठा लिखेगा तो? कोई केरली, कोई जापानी और कोई अमरीकी हिन्दी में चिट्ठा लिखेगा तो? और कोई ख़ालिस गुजराती , हिन्दी में चिट्ठा लिखेगा तो? वह कैसा लिखेगा? जाहिर है, उसकी हिन्दी में उसकी अपनी मातृभाषा … पढना जारी रखे

चिट्ठा चर्चा, रविरतलामी, chithha charcha में प्रकाशित किया गया | 3 टिप्पणियाँ

संभव है इस बार सदी के बँधे हुए बन्धन खुल जायें

किसने किसको ठगा व्यर्थ अब चौराहे पर प्रश्न उठानाकौन सही है कौन गलत है मुश्किल है ये भी कह पानाकौन यहां निर्णयकर्ता है, और कौन वादी-प्रतिवादीइन सब से हो परे, हाशिये पर हमको कर्त्तव्य निभाना कल था पितॄ-दिवस, तो आओ … पढना जारी रखे

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एक धुरविरोधी चिट्ठे का विदाई गीत

आज ऐसे एक चिट्ठे की चर्चा जो (अब) नहीं है- लो प्रत्‍यक्षा तुम्‍हें छोटा सा बहाना चाहिए था खुश होने का, हम एक बड़ा सा कारण दे देते हैं, कारण यह है कि ये दुनिया आज सुबह सात बजे से … पढना जारी रखे

चिट्ठाचर्चा, मसिजीवी, chitha charcha, criticism, masijeevi में प्रकाशित किया गया | 19 टिप्पणियाँ