Monthly Archives: मई 2009

चिट्ठाचर्चा में कार्टून चर्चा

<— ये बगल वाला कार्टून अपने ब्लाग पर हरिओम तिवारी ने कल पोस्ट किया। इस पर टिपियाते हुये किन्ही अनाम पाठक ने टिपियाया कि ये कार्टून तो पहले ही कप्तान साहब के ब्लाग पर पोस्ट हो चुका है। क्या हरिओम … पढना जारी रखे

Uncategorized में प्रकाशित किया गया | 19 टिप्पणियाँ

नियमित होते होते अनियमित हो गए !

आज हम चर्चा करने में देरी कर गए…. कल अनूपजी की चर्चा देर रात पढ़कर नियमित होने की जितनी कोशिश की थी, आज असफल हो गए लेकिन शायद कोशिश करते रहना ही हमें सफलता की ओर ले जाता है…अपने बेटे … पढना जारी रखे

मीनाक्षी में प्रकाशित किया गया | 20 टिप्पणियाँ

ये रहा आपका उल्लू का पट्ठा !!!

आज जरा कुछ ज्यादा ही देर से चर्चा करना शुरू किये तो पहली ही पोस्ट अजित जी की दिखी। शीर्षक देखिये न जरा- पुराणिक जी, ये रहा आपका उल्लू का पट्ठा !!! हमें लगा हमारे आते ही उन्होंने ऐसा लिखा। … पढना जारी रखे

Uncategorized में प्रकाशित किया गया | 27 टिप्पणियाँ

मातृ दिवस और आईपीएल के जलवे

कल मातृ दिवस था। यह एक ऐसा दिवस है जो हमारे बचपन में नहीं था। अब कब से जुड़ा पता ही नहीं है मुझे कुछ इसका इतिहास भूगोल। लेकिन इसी बहाने तमाम लोगों ने अपनी भावनायें व्यक्त कीं। कल के … पढना जारी रखे

Uncategorized में प्रकाशित किया गया | 17 टिप्पणियाँ

मुझे तो, बस मेरी मां चाहिए…

“आम जनता को यह सूचित किया जाता है की यह पेज किसी को भी खुश करने की गारंटी के बिना बनाया गया है. यहाँ जो कुछ भी लिखा गया है अथवा दर्शाया गया है, वोह पेज के मालिक की पसंद … पढना जारी रखे

रविरतलामी में प्रकाशित किया गया | 18 टिप्पणियाँ

रुकावट के लिए खेद है !

नमस्कार ! चिट्ठाचर्चा में आपका स्वागत है ! यह चर्चा बिना किसी दबाब के स्वेच्छा से की जा रही है ! आप सभी से निवेदन है किइलाहाबाद में हुए हिन्दी ब्लॉगिंग की दुनिया नामक कार्यक्रम के फ़ोटू देखकर आज किसी … पढना जारी रखे

Uncategorized में प्रकाशित किया गया | 16 टिप्पणियाँ

वोट से बनो कि बिन वोट पप्‍पू तो तुम्‍हें ही बनना है

हमारा मानना रहा है कि भारतीय राजनीति और कला का बहुत गहरा नाता है ! जब जब राजनीति में सरगर्मियां और हलचल बढती है कला की सभी विधाओं में रचनात्मक उर्जा बढी हुई दिखाई देने लगती है ! खासकर ब्लॉग … पढना जारी रखे

नीलिमा, chitha charcha, chithacharcha, chithha charcha, chitthacharcha, neelima में प्रकाशित किया गया | 10 टिप्पणियाँ

चिटठा चर्चा मैगजीन

चिटठा चर्चा गुरुवार ०७ मई २००९ जो साचा है हमने वही बांचा है.. … नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका आज की चिटठा चर्चा में पिछले काफ़ी समय से मैं नियमित रूप से अनियमित रहा हु चर्चा करने में.. देखिये न … पढना जारी रखे

Uncategorized में प्रकाशित किया गया | 27 टिप्पणियाँ

मेरा परिचय……है !!

हर इंसान अपना परिचय अपने ही अन्दाज़ में देता है, अपने ब्लॉग पर ‘भूतनाथ’ द्वारा मिली टिप्पणी पाकर जब उनके ब्लॉग़ पर जाना हुआ तो उनके परिचय में लिखी उनकी पंक्तियों ने आकर्षित किया….………आदमी होने का कोई फायदा ना था…..चुपचाप … पढना जारी रखे

मीनाक्षी में प्रकाशित किया गया | 28 टिप्पणियाँ

हम जहाँ हैं, वहीं से, आगे बढ़ेंगे

हमारे एक मित्र हैं। आजकल वे धड़ल्ले से कम से कम एक शेर प्रतिदिन के हिसाब एस.एम.एस.करते रहते हैं। कल्लई उन्होंने एक ठो भेजा। फ़र्मायें अरे वही जिसे मुलाहिजा कहा जाता है शेर सुनाने के पहले। सुनिये मतलब पढ़िये। इरशाद … पढना जारी रखे

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