Monthly Archives: अप्रैल 2008

कैटरीना कैफ़ के साथ आलोक पुराणिक की जुगलबंदी

हूँ अजीम मैं शायर, मैं हूँ महाकवि : दिल को बहालने को गीतकार ये ख्याल अच्छा है। ….तो मेरे हक़ में दुआ करोगे ! : वायदा नहीं कर सकते लेकिन कोशिश करेंगे। हनुमान जयंती के दिन भाई समीर ” उड़नतश्तरी … पढना जारी रखे

Advertisement

Uncategorized में प्रकाशित किया गया | 3 टिप्पणियां

विदा की बात मत करना

भौको मत, एम्.फिल हो जाने दो ये शीर्षक है विनीत कुमार की आज की पोस्ट का। विनीत गाहे बगाहे में अपने कालेजियेट किस्से सुना रहे हैं और मजे ले लेकर सुना रहे हैं। आप न पढ़ें हों पढि़ये तो मजा … पढना जारी रखे

Uncategorized में प्रकाशित किया गया | 4 टिप्पणियां

हर तरफ हर जगह है उसी का नूर…

इस चिट्ठा प्रविष्टि पर आज नजर पड़ी तो लगा कि इसे तमाम दुनिया को बताना चाहिए कि इसे अवश्य देखें. गीत सम्मोहक तो है ही, वीडियो संयोजन अत्यंत सम्मोहक. तमाम दुनिया को आप भी फारवर्ड करें, उन्हें बताएं, देखें-दिखाएं व … पढना जारी रखे

रविरतलामी, chitha charcha में प्रकाशित किया गया | 1 टिप्पणी