Monthly Archives: जून 2010

ब्लॉगिंग के पांच साल, पहली किताब और ट्रेड मार्क बत्तीसी के किस्से

विवेक रस्तोगी ने आज ब्लॉगिंग के पांच साल पूरे किये। आज की अपनी पोस्ट में उन्होंने इस दौरान हुये अपने अनुभव बताये। उन्होंने उस समय के कुछ ब्लॉगरों के नाम याद करते हुये लिखा: उस समय के कुछ चिठ्ठाकारों में … पढना जारी रखे

अनूप शुक्ल में प्रकाशित किया गया | 13 टिप्पणियाँ

ब्लॉग ऑफ ए थिंकिंग डॉग

ये धोबी का कुत्ता (भई, ब्लॉग पता में तो यही लिखा है – http://washermansdog.blogspot.com ) तो बहुत बढ़िया भौंकता है. इनकी एक लंबी सी, मगर बेहद मार्मिक पोस्ट माँ को गए 3 वर्ष हो गए पर पढ़िये. इधर बिहारी बाबू … पढना जारी रखे

रविरतलामी में प्रकाशित किया गया | 10 टिप्पणियाँ

शनिवार (25/06/2010) की चर्चा

नमस्कार मित्रों! मैं मनोज कुमार एक बार फिर हाज़िर हूं शनिवार की चिट्ठा चर्चा के साथ। तो चलिए अब चर्चा शुरु करते हैं। आलेख कारोबारी हितों के नीचे दबा है मीडिया बता रहे है भड़ास blog पर V I C … पढना जारी रखे

कोलकाता, चिट्ठा चर्चा, मनोज कुमार में प्रकाशित किया गया | 15 टिप्पणियाँ

कुछ पोस्टों के अंश बस ऐसे ही

यदि किसी भूल के कारण कल का दिन दु:ख में बीता, तो उसे याद कर आज का दिन व्‍यर्थ न गँवाइए।राजभाषा हिन्दी ई गोरकी सब्बे लोकनी के हरान कई देहलस…. अबहीं उपरे की सीट पर शकीरा का गाना सुन रही … पढना जारी रखे

अनूप शुक्ल में प्रकाशित किया गया | 17 टिप्पणियाँ

चिमनी के धुंये से ११ लाइन की ऊंचाई पर नल शरणागत वीर ब्लॉगर

ये ब्लॉगरी का ही कमाल च धमाल है कि एक पॉवर प्लांट की धुंआ उगलती चिमनी से मात्र ११ लाइन (पंक्ति) की ऊंचाई बैठा ब्लॉगर नीचे से चिमनी की गरमी से और ऊपर से सूरज की गर्मी का मुकाबला करते … पढना जारी रखे

अनूप शुक्ल में प्रकाशित किया गया | 20 टिप्पणियाँ

पितृदिवस के बहाने कुछ पोस्टों की चर्चा

कल फ़ादर्स डे के मौके पर लोगों ने पिता से जुड़ी अपनी यादें ताजा की। पिताओं की खूबियों को याद किया। इनमें से कुछ पोस्टों को पढ़कर तो पाठकों को अपने-अपने पिता याद आ गये। देखिये उनमें से कुछ पोस्टें: … पढना जारी रखे

अनूप शुक्ल में प्रकाशित किया गया | 26 टिप्पणियाँ

ब्लॉग लेखन की संभावनाएँ और खतरे

“..कुछ लोग खुलेपन के नाम पर नंगे हो जाते हैं. नग्नता सहज हो तो कोई ध्यान नहीं देता. जानवर कपडे तो नहीं पहनते, पर कौन रूचि लेता है उनकी नग्नता में? छोटे बच्चे अक्सर नंगे रहते हैं, पर कहाँ बुरे … पढना जारी रखे

रविरतलामी में प्रकाशित किया गया | 20 टिप्पणियाँ

शनिवार की चर्चा

नमस्कार मित्रो! मैं मनोज कुमार एक बार फिर शनिवार की चर्चा के साथ हाज़िर हूं। मेरी पिछली चर्चा के पोस्ट पर एक भाई ने कमेंट किया था कि हमारे ब्‍लाग की भी आप चर्चा करें। इसके लिए क्‍या करना होगा। … पढना जारी रखे

मनोज कुमार, हिन्दी चिट्ठाचर्चा में प्रकाशित किया गया | 28 टिप्पणियाँ

कौन है सर्वश्रेष्ठ ब्लॉगर?

आपका अपना कोई कोण हो सकता है – ब्लॉगिरी श्रेष्ठता का, और आप उसे ही मानते हैं, मानते रहेंगे. ठीक है पर दूसरे क्या कुछ कह रहे हैं उन पर एक बार नजर मार लेने में आपका जाता क्या है? … पढना जारी रखे

रविरतलामी में प्रकाशित किया गया | 21 टिप्पणियाँ

भोपाल गैस त्रासदी- कौड़िल्ला छाप न्याय

परसों भोपाल गैस त्रासदी मामले में अदालत ने निर्णय सुनाया। जितने लोग इस दुर्घटना में हताहत हुये थे उसके मुकाबले में सजा बहुत कम थी। ऐसा लगा कि मुकदमा कानून की पिलपिली धारायें लगाकर लड़ा गया। रागदरबारी की भाषा में … पढना जारी रखे

अनूप शुक्ल में प्रकाशित किया गया | 18 टिप्पणियाँ