Monthly Archives: अक्टूबर 2009

जिन्‍हें हमारा मुल्‍क चुभता है

  वैसे तो इलाहबाद पर कुरूक्षेत्र अभी जारी है और क्या पैंतरे हैं साहब…मजा आ गया। जिसने भी अब तक हिन्‍दी चिट्ठाकारी के विवाद देखे हैं वह मानेगा कि इस प्रकरण के जैसा अब तक कुछ नहीं हुआ…तिस पर भी … पढना जारी रखे

मसिजीवी, chithacharcha, masijeevi में प्रकाशित किया गया | 24 टिप्पणियाँ

महानगर में दर्द ज्यादा होते हैं … और समंदर की जरूरत ज्यादा

ये वाली फोटो जो आप देख रहे हैं वो इलाहाबाद की राष्ट्रीय संगोष्ठी की नहीं बल्कि संजीव तिवारी के घर की है। इलाहाबाद में साथी ब्लागरों को खाना पकाने की सुविधा नहीं प्रदान की गयी थी। शायद इसीलिये संजीव तिवारी … पढना जारी रखे

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चर्चा में केवल एक लाईना

रामप्यारी का सवाल : मुझे राष्ट्रीय संगोष्ठी में क्यों नहीं बुलाया गया? इलाहाबाद से ’ई’गायब :ब्लाग थाने ने रपट लिखने से इंकार किया आखिर ब्लॉगर हैं..हर स्थिति में अपना झंडा गडेगा ही. : झंडा बायें कोने में सबसे ऊपर लगाना … पढना जारी रखे

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बहस कम , चर्चे ज्यादा प्रश्न कम , पर्चे ज्यादा

इलाहाबाद के किस्से चल ही रहे हैं। जो वहां थे उन्होंने अपने अनुभव बयान किये और जो वहां नहीं थे वे भी अपने अनुभव बयान कर रहे हैं। इलाहाबाद के किस्से और शगूफ़े तो आपको तमाम जगह मिल जायेंगे लेकिन … पढना जारी रखे

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इलाहाबादी सम्मेलन की चित्रमय चर्चा

डिस्क्लेमर : मेरा कोडक का कैमरा जाने कैसे डिसफ़ंक्शनल हो गया और उसके फ्लैश ने काम करना बंद कर दिया, साथ ही वो कम रौशनी में ब्लर्ड इमेज लेने लगा (क्या ये रिपेयर हो सकता है?). पुराने जमाने का मेरा … पढना जारी रखे

रविरतलामी में प्रकाशित किया गया | 26 टिप्पणियाँ

दूसरे दिन का पहला सत्र शुरू

आज सुबह का सत्र कुछ देर से साढ़े ग्यारह बजे शुरु हुआ। इस समय हिमांशु बोल रहे हैं। कहा कि ब्लाग के लिये मैं कुछ अलग नहीं लिखता। वही लिखता हूं जो अन्यथा भी लिखता। इसके पहले आज अध्यक्ष के … पढना जारी रखे

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लोटपोट पर सुबह -सुबह की चर्चा

अभी पिछली पोस्टों पर कमेंट देखे। और तमाम आत्मीय टिप्पणियों के अलावा डा.अमर कुमार की टिप्पणी है: मोबाइलवा में विडीयो लेने का भी अथिया जोगाड़ होगा, ऊ भि दीखाइये, न !ई रिपोर्टिंग नज़ारा तनि अउर लाइव-लाइव लगेगा के नाहिं !ब्लगियार … पढना जारी रखे

अनूप शुक्ल में प्रकाशित किया गया | 19 टिप्पणियाँ