Monthly Archives: अक्टूबर 2010

पुराने डायरी का पन्ना डायरी से निकलकर नेट पर पहुंचा। कांधे से तिल बरामद!

  1.पर्यटन क्या है? : खबरदार जो किसी ने बताया कि सूटकेस भर कर घर लौटना पर्यटन है। 2.फ़ुरसत में… भ्रष्‍टाचार पर बतिया ही लूँ !: अरे बतियाते रहेंगे कि कुछ अंजाम भी देंगे। 3.……….क्या चीज है यह जिंदगी ?: … पढना जारी रखे

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सस्ते पैनो से भी लिखी जा सकती है अच्छी कविता…….

प्लेटफोर्म पर किताबो में सर गडाए बैठी है कुछ .ये कवियों के प्रेम की शिकार महिलाए है जो खूब किताबे पढ़ती है ओर रोते रोते कवियों को गालिया दिया करती है ………………..अच्छी चीजों से जुड़ा सबसे बड़ा विकार है की … पढना जारी रखे

डॉ .अनुराग में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

सोमवार १८.१०.२०१० की चर्चा

नमस्कार मित्रों! मैं मनोज कुमार एक बार फिर हाज़िर हूं। आज विजयदशमी है। असुरों पर विजय के उपलक्ष्य में हम विजयादशमी का पर्व मनाते हैं।  बिना विनय के विजय नहीं टिकती। आज कोलकाता में “मांएर बिदाई” है। पिछले चार पांच … पढना जारी रखे

मनोज कुमार में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

वर्धा ब्लॉगर सम्मेलन की कुछ और पोस्टों की चर्चा

वर्धा ब्लॉगर सम्मेलन में जो लोग आये थे उन्होंने अपने संस्मरण लिखना जारी रखा। प्रवीण पाण्डेय जी ने लिखा था- इस विषय में मेरी पोस्ट आनी शेष है, वक्तव्यों के देवता तो गांधीजी का आश्रम देखने के बाद ही तैयार … पढना जारी रखे

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वर्धा ब्लॉगर सम्मेलन की कुछ पोस्टों की चर्चा

वर्धा में हुये दो दिनिया मिलन-जुलन की इसकी पहले की कहानियां वहीं से लिखीं गयीं थीं। उधर बोला जा रहा था इधर लिखा जा और कुछ भाई लोग अपने उधर से टिपियाते भी जा रहे थे। पिछली पोस्ट लिखने तक … पढना जारी रखे

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साला न कहें भाई साहब कहें

सबेरे के नास्ते के बाद हम लोग सेवाग्राम देखने गये। दस मिनट की दूरी पर स्थित आश्रम में आज सुबह सबसे पहले शायद हमारी टीम ही पहुंची। गांधी जी से जुड़ी तमाम वस्तुएं देखीं। गांधी जी दिन प्रतिदिन की दिनचर्यी … पढना जारी रखे

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ब्लॉगिंग सबसे कम पाखंड वाली विधा है

फ़ोटो परिचय: १. ब्लॉगिंग कार्यशाला में वर्धा विश्वविद्यालय के छात्र २. वर्धा विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ हम लोग ३. शाम के सत्र में कविता पाठ करते हुये आलोक धन्वा जी ४.आलोक धन्वा एवं श्रीमती अजित गुप्ता जी ५. प्रियंकर,अनीता … पढना जारी रखे

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ब्लॉगिंग की आचार संहिता की बात खामख्याली है

प्रख्यात कवि और संस्कृतिकर्मी आलोक धन्वा जी ने ब्लॉगिंग के संबंध में अपने विचार प्रस्तुत किये। उन्होंने ब्लॉगिंग को विस्मय कारी विधा बताया। उन्होंने बताया कि वे कुछ दिनों से नियमित ब्लॉग देखते हैं। धन्वाजी ने बताया कि कबाड़खाना वाले … पढना जारी रखे

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वर्धा में भाषण जारी

टपके ब्लॉगर बहुत से, वर्धा में इक साथचमकाते हैं दांत सब मिला-मिलाकर हाथ।मिला-मिलाकर हाथ, चाय सबने पी ली हैबाकी सब तो ठीक,कमी मच्छर जी की है।विवेक सिंह यों कहें, नहीं वे अब तक चिपकेमच्छर काटे नहीं, यहां जोन ब्लॉगर टपके। … पढना जारी रखे

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वर्धा में ब्लॉगर सम्मेलन

…और ये एक और शानदार सम्मेलन की शुरुआत! वर्धा में आज अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन शुरु होने वाला है। कई साथी आ गये हैं और बकिया आने वाले हैं। सुबह-सुबह ट्रेन से उतरे तो जाकिर अली रजनीश और रवीन्द्र प्रभात स्टेशन पर … पढना जारी रखे

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