Category Archives: masijeevi

देसी तबेले में गर्मी बहुत है

उफ्फ गर्मी बहुत है…आग लगी है…प्‍यास लगी है। बिजली है…पंखे हैं…एसी भी है पर गर्मी फिर भी है। कमरा ठंडा है पर एसी अंदर की गर्मी बाहर फेंके दे रहा है पर यहॉं से वहॉं चले जाने से गर्मी खत्‍म … पढना जारी रखे

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दुविधा से मुझे डर लगता है वेताल

एक सहचर्चाकार आजकल गायब हैं उनसे पूछा कि ऐसा कयों ? उन्‍होंने कहा कि यार कुछ बोर होने लगे हैं कुछ नया दिखता ही नहीं ब्‍लॉग पर.. हमें हैरानी हुई इतने ब्‍लॉगर इतने पुरस्‍कार, इतने विवाद, कुत्‍तों से लेकर चॉंद … पढना जारी रखे

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नीतीश स्‍पीक्‍स- लफत्‍तू रीड्स

लफत्‍तू हिन्‍दी ब्‍लॉगजगत के लिए नए नहीं हैं नीतीश जरूर हैं इसलिए लपूझन्‍ना के लफत्‍तू के सामने नीतीश जो बेचारे पहली पहली हिन्दी ब्लॉग पोस्ट लिख रहे हैं (दरअसल इतिहास की पहली मुख्‍यमंत्रीय हिन्‍दी पोस्‍ट) को इतने जमे हुए पात्र … पढना जारी रखे

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अज्ञान के आनंद में डुबकी लगाती चर्चा अनइग्‍नोरेबुल की

  अज्ञान में अपूर्व आनंद है। अरसे से ब्‍लॉगक्रीड़ा से परे हैं, सप्‍ताह दर सप्‍ताह अनूपजी हमें बताते रहे कि चर्चा करनी है हम इस मेल के साथ वैसा ही बरताव करते रहे जैसा मितव्‍ययता के सरकुलरों के साथ सरकारी … पढना जारी रखे

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बताइए साबजी कैसा लग रहा है ?

प्रौद्योगिकी की दुनिया बहुत तेजी से बदलती है..इतनी  तेजी से कि इंसान अपनी एक ही पीढ़ी में तकनीक की कई पीढि़यॉं देख कर विदा लेता है…  अभी कल तक की बात लगती है जब डोस वातावरण में फ्लॉपी डालकर बूट … पढना जारी रखे

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नो लल्‍लो-चप्‍पो: एक वर्तनीदोष चर्चा…. मास्साब टाईप

कई लोगों को लगता है कि भई चिट्ठाचर्चा दोषों की उपेक्षा करती है तिस पर हम जैसे मास्‍साब को तो चाहिए कि वे जमकर छिद्रान्‍वेषण करें दोष दर्शन, परदोष प्रदर्शन करें। काहे नहीं करते… इसलिए कि खुद हमारे चिट्ठाकर्म में … पढना जारी रखे

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‘सर्वाइवल इज नॉट नेगोशिएबुल’ – टपकते एडीएसएल से चर्चा की कुछ बूंदें

इंटरनेट सुबह से रूठा हुआ है, मॉडम की एडीएसएल की लाइट दिलासा देते देते अचानक टपक जाती है। यूँ तो छुट्टी है पर इतने भी खाली नहीं हैं कि एमटीएनएल मॉडम के टप टप देखने के अलावा कोई काम न … पढना जारी रखे

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