Monthly Archives: फ़रवरी 2007

दीवाने हो भटक रहे हो मस्जिद मे बु्तखानों में

एक बड़ा उमदा शेर पढ़ता था, अब यह भी याद नहीं किसका है, मगर जिसका भी है, उनको साधुवाद कि मौके पर याद आये. आप भी सुनें: लहरों को शांत देखकर यह मत समझना,कि समंदर में रवानी नहीं है,जब भी … पढना जारी रखे

चिट्ठा चर्चा में प्रकाशित किया गया | 5 टिप्पणियाँ

होली पर चर्चा करी आज उड़ा कर रंग

होली का उड़ने लगा है गलियों में रंगरतलामी जी घोलते ठंडाई में भंगनंदगांव जीतू गये, बरसाने श्री शुक्लचिट्ठा चर्चा कीजिये आप हमारे संग लोकमंच पर देखिये, जाकर नौ दस पोस्टये न समझिये पी रखी हमने भी है पोस्तकुछ जो मेरी … पढना जारी रखे

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पुछल्लित प्रश्नोत्तरी

हिन्दी चिट्ठा जगत में टैग किए जाने का खेल चरमोत्कर्ष पर पहुँच चुका है है. इस बीच बचे खुचे चिट्ठाकार भी टैगियाए जा चुके हैं और जो इक्का दुक्का बचे हैं, वे टैगियाए जाने की कतार में हैं. कई अभागे … पढना जारी रखे

चिट्ठा चर्चा, हिन्दी, chithha charcha में प्रकाशित किया गया | 3 टिप्पणियाँ

मत चिरागों को हवा दो बस्तियाँ जल जाएँगी

ये लेव आज फिर इतवार आ गया। आज की चर्चा हमें करनी थी। हम गये थे कल बाहर। बाहर बोले तो लखीमपुर-खीरी। लौटे तब तक तीन बज गये थे। ये मुये इतवार का सबेरा जितना खुशनुमा लगता है, दोपहर के … पढना जारी रखे

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धर्म से पहले जीवन आता है

सूचक आशावान व्यक्ति हैं, अब भी टीवी बहसों में मर्यादा की अपेक्षा रखते हैं। एक चैनल को क्या सूझी कि वो दो समझदारों के साथ “वन साइज डजेंट फिट एवरी वन” पर बहस करे…सवाल ये है कि क्या ये बहसें … पढना जारी रखे

debashish में प्रकाशित किया गया | 8 टिप्पणियाँ

पाँच प्रश्न – शीर्षक चर्चा

1. चिट्ठाकार होने का मतलब क्या है?2. जिन ताजा प्रविष्टियों की ख़बर प्रभू नारद नहीं दे पाते है, उनकी चर्चा कैसे की जाये?3. यह पाँच-प्रश्नों का सिलसिला कब थमेगा?4. क्या पाँच-प्रश्न सोये चिट्ठाकारों को जगाने में उपयोगी हो सकते है?5. … पढना जारी रखे

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आकस्मिक चर्चा

नमस्कार साथियों,मै आपका मित्र जीतेन्द्र चौधरी फिर से हाजिर हूँ, चिट्ठा चर्चा करने के लिए। अरे आप लोग सोचेंगे ये फिर आ गये, अभी रविवार को तो इसके झेला था, फिर पकाएगा? अरे का करें अपने शुकुल महाराज जो ना … पढना जारी रखे

चिट्ठा चर्चा, हिन्दी चिट्ठाचर्चा, blogs, chithha charcha में प्रकाशित किया गया | 3 टिप्पणियाँ