Category Archives: Blogger

क्षणे क्षणे यत् नवतां उपैति, तदेव रूपं ….

क्षणे क्षणे यत् नवतामुपैति तदेव रूपं ……. पिंकी का रूप २१ जनवरी के पश्चात चर्चा का सुयोग आज बन पाया है। इस बीच कई मीठे व कसैले अनुभव जीवन की पुस्तिका के नए जुड़े पन्नों पर अंकित हो गए हैं … पढना जारी रखे

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बीता हुआ कोई क्षण नहीं लौटता

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सुबह का इन्तज़ार बेहद ज़रूरी है

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आपको कंडोन नहीं कंडेम बोलना था

२००८ २००८ वर्ष २००८ ईस्वी सन् की अपनी अन्तिम चर्चा करते हुए भोर के ४ बजे मुझे इस कल्पना से अत्यन्त हर्ष हो रहा है कि चिट्ठाचर्चा के लिए इस वर्ष का यह अन्तिम पखवाड़ा बहुत महत्वपूर्ण रहा है। क्य़ों … पढना जारी रखे

चिट्ठाचर्चा, हिन्दी, Blogger, hindiblogs, Kavita Vachaknavee में प्रकाशित किया गया | 23 टिप्पणियाँ

तालेबंदी,गिरोहबंदी, मंदी और चतुर चतुरानन चोरों की चाँदी

” या निशा सर्वभूतानाम् तस्यां जागर्ति संयमी” चर्चा के इस मंच पर घणा विमर्श चल रहा है, यह आत्ममन्थन, विवेचना और आत्मपरीक्षण का अवसर जैसा भी हो सकता है ब्लॉग जगत के व्यक्तित्व के लिए| ऐसी स्थितियाँ इतवारी गुफ्तगू के … पढना जारी रखे

चिट्ठा चर्चा, हिन्दी चिट्ठाचर्चा, Blogger, Kavita Vachaknavee में प्रकाशित किया गया | 24 टिप्पणियाँ

बस करो हुण, बस करो वे

आज केवल हिन्दीतर चिट्ठों की ही चर्चा का मन बनाया है ताकि हम भाषा के स्तर पर ही सही कम से कम एक विश्वमानव व एक भारतीय आत्मा के भावबोध को अपनाने की दिशा में प्रमाण जुटाएँ। केवल एक जानकारी … पढना जारी रखे

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मैं सच में केवल इसलिए बचा हूँ क्योंकि…..

देश में स्थितियाँ निरंतर घातक बनी हुई हैं। पिछले ४-५ दिन का चिट्ठाजगत और ब्लॉगवाणी का आँकड़ा देखें तो सर्वाधिक प्रविष्टियाँ राष्ट्रीय विपदा की इस घड़ी के चहुँ ओर घूमती दिखाई देती हैं। हम आपादमस्तक लज्जा में गड़ने के खुलासों … पढना जारी रखे

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अपनी ही तुच्छताओं की अधीनता

आज यद्यपि मुझे यात्रा पर निकलना है और प्रातः ४.३० बजे बैठ कर चर्चा शुरू करने की इस घड़ी में अभी यह भी नहीं पता कि कितना लिखा जा सकेगा। स्पोंडेलाइटिस के गंभीर कष्ट से १० घंटे से परेशान हूँ … पढना जारी रखे

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जहाँ विश्वास होता है वहाँ फिर भ्रम नहीं होते

चिट्ठाचर्चा के इस प्रथम सत्र में सर्वप्रथम अनूप जी की सदाशयता के प्रति आभारी हूँ , जिन्होंने आप सभी से इस प्रकार संबोधित होने का अवसर दिया आप सभी किसी न किसी रूप में ज्ञान, कुल, शील, वय, मर्यादा आदि … पढना जारी रखे

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पूरा विश्वास उठ चुका है!!!

फुरसतिया जी का हम पर से पूरा विश्वास उठ चुका है. उठ भी जाना चाहिये. ऐसी हरकत बार बार कि अभी चर्चा कर रहे हैं, करते हैं, करेंगे और फिर नहीं कर पायेंगे कब तक कोई झेले. मगर हमारी भी … पढना जारी रखे

उड़न तश्तरी, चर्चा, चिट्ठा चर्चा, समीर लाल, Blogger, chitha charcha, chithacharcha, chithha charcha, sameer lal में प्रकाशित किया गया | 17 टिप्पणियाँ