Monthly Archives: नवम्बर 2008

मैं सच में केवल इसलिए बचा हूँ क्योंकि…..

देश में स्थितियाँ निरंतर घातक बनी हुई हैं। पिछले ४-५ दिन का चिट्ठाजगत और ब्लॉगवाणी का आँकड़ा देखें तो सर्वाधिक प्रविष्टियाँ राष्ट्रीय विपदा की इस घड़ी के चहुँ ओर घूमती दिखाई देती हैं। हम आपादमस्तक लज्जा में गड़ने के खुलासों … पढना जारी रखे

हिन्दी चिट्ठाचर्चा, Blogger, blogs, chitthacharcha, Kavita Vachaknavee में प्रकाशित किया गया | 28 टिप्पणियाँ

छोटी-मोटी घटना में बदलता हादसा

कल मुंबई में आतंकवादियों के खिलाफ़ कार्यवाही पूरी हुई! मुंबई के लोगों ने फ़ूल बरसाकर सुरक्षा बलों (एन.एस.जी. आदि) के प्रति अपना सम्मान प्रकट किया। इसके बाद नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया। महाराष्ट्र के गृहमंत्री आर.आर.पाटिल ने मुंबई पर हुये … पढना जारी रखे

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आतंक से जंग गोलकीपिंग करने जैसी है

कल रात एक एस.एम.एस. मिला। उसका हिंदी अनुवाद है: एक आतंकवादी को माफ़ करना भगवान का काम है। लेकिन भगवान से उसकी मुलाकात करवाना हमारी जिम्मेदारी है। कल ही एक अखबार में मुंबई धमाकों के बारे में एक लेख के … पढना जारी रखे

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अब हर वक़्त हाई अलर्ट रहने का वक़्त है

ताज होटल में मुठभेड़ अभी भी जारी, नरीमन हाउस में आतंकवादियों से मुठभेड़ अभी भी जारी, ओबेराय होटल में सेना-एनएसजी की करवाई जारी, शहर के सभी स्कूल, कॉलेज, कार्यालय, शेयर बाज़ार, फिल्मों और सीरियल्स की शूटिंग सब बंद. मतलब कभी … पढना जारी रखे

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बेटा नामी चोर है, बाप है पहरेदार

आईबी की रिपोर्ट थी कि पन्द्रह से तीस नवम्बर के बीच में कोलकाता में आतंकवादी हमला हो सकता है. रिपोर्ट पढ़कर यहाँ के पुलिसवाले दो दिन के लिए सतर्क हो गए थे और हम गौरवान्वित. पुलिस वालों ने आने-जाने वाली … पढना जारी रखे

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लड़कियां जाने क्यों बिन वजह ही हँस देती हैं

चर्चा शुरू करने के पहले कुछ प्रमुख समाचार: ब्लोगीवुड की पहली फ़िल्म ” शोले ” रिलीज- बाक्स आफिस में टिकट के लिये मारामारी चुनाव के मौसम में समीरलाल का नारा- तुम तो बस नारे लगाओ!! गूगल की मदद से अब … पढना जारी रखे

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सिगरेट पीती हुई लड़कियाँ

अनूप भाई ने बहुत पहले मुझे चिट्ठा चर्चा का आमंत्रण भेजा था.. मैंने सहर्ष स्वीकार कर लिया था क्योंकि यह एक सार्थक मंच है। रोज़ छपने वालों दिलचस्प चिट्ठों की चर्चा की एक परम्परा को अनूप भाई तथा अन्य साथी … पढना जारी रखे

अभय तिवारी में प्रकाशित किया गया | 8 टिप्पणियाँ

फुरसतिया की फुरसत का राज ?

ब्लॉगर भाई और भाभियों को हम शीश झुकावें । कवित विवेक एक नहिं मोरे फिर भी चर्चा गावें ॥ फुरसतिया की फुरसत का सब राज तुम्हें बतलाएं । बैठे नैनीताल, दूसरे उनका ब्लॉग चलाएं ॥ अनूप शुक्ला ने पब्लिक का … पढना जारी रखे

फुरसतिया, chitha charcha, vivek में प्रकाशित किया गया | 29 टिप्पणियाँ

अपनी ही तुच्छताओं की अधीनता

आज यद्यपि मुझे यात्रा पर निकलना है और प्रातः ४.३० बजे बैठ कर चर्चा शुरू करने की इस घड़ी में अभी यह भी नहीं पता कि कितना लिखा जा सकेगा। स्पोंडेलाइटिस के गंभीर कष्ट से १० घंटे से परेशान हूँ … पढना जारी रखे

चिट्ठाचर्चा, हिन्दी, हिन्दी चिट्ठाचर्चा, Blogger, chitthacharcha, criticism, Kavita Vachaknavee में प्रकाशित किया गया | 17 टिप्पणियाँ

कहॉं गए वो ब्‍लॉग

अनूपजी शनिवारी चर्चा ठेल के चले गए हैं नैनीताल गए तो हैं ट्रेनिंग के नाम पर हमारा मन विश्‍वास करने को नहीं करता तो नहीं करता इसमें भी दोष उनका ही कहा जाना चाहिए आखिर अपनी छवि आदमी खुद ही … पढना जारी रखे

मसिजीवी, chitha charcha, masijeevi में प्रकाशित किया गया | 15 टिप्पणियाँ