Monthly Archives: जुलाई 2010

चर्चा में चंद एक लाईना

एक लाईना वर्धा में ब्लॉगर सम्मेलन की तिथि दुबारा नोट कीजिए…:और उनके बदले जाने का इंतजार करिये! आपके ब्लॉग का नाम क्या होना चाहिए :झकास.ब्लॉगस्पाट.काम जन्मदिन के किस्से..हैप्पी बर्थडे मोमेंट 🙂:जाओ जाके धरती की शोभा बढ़ाओ अब जब तुम होगे … पढना जारी रखे

अनूप शुक्ल में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

सोमवार (26.07.2010) की चर्चा

नमस्कार मित्रों! मैं मनोज कुमार सोमवार की चर्चा लेकर हाज़िर हूं। शनिवार को तरुण जी आ रहे हैं। तो अब से मैं सोमवार को ही आया करूंगा।   तो आइए चर्चा शुरु करते हैं। अबूझमाड़ के आदिवासिओ के बीच बिताये … पढना जारी रखे

कोलकाता, मनोज कुमार में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

बरसाती ब्लॉग

एनीमेशन – साभार पिम्प मायस्पेस   नौरंगी बारिश अब साहित्य के नौ रससे रंगी ये बारिश ….. शांत रस बनकर टिप टिप कर बरस जाती है श्रृंगार रस बन सज जाती है हरी चद्दरसी धरती का आँचल बन … गरज … पढना जारी रखे

रविरतलामी में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

शनिवार (24.07.2010) की चर्चा

नमस्कार मित्रों! मैं मनोज कुमार एक बार फिर से शनिवार (24.07.2010) की चर्चा के साथ हाज़िर हूं। समयाभाव के कारण इस बार संक्षिप्त चर्चा।   ब्लॉग‘ पोस्ट / लिंक एक लाइना अज़दक न खत्‍म होने वाली बारिश की उस रात.. … पढना जारी रखे

कोलकाता, मनोज कुमार में प्रकाशित किया गया | 6 टिप्पणियाँ

मचल के जब भी आँखों से छलक जाते हैं दो आँसू

मैं पिछले एक साल से ब्लोगजगत से पूरी तरह दूर था और अब भी सिर्फ सप्ताहंत में कुछ चिट्ठे देख लेता हूँ। इस चर्चा को पढ़ने के बाद इसकी सार्थकता की बहस में पड़े, उससे पहले ही बता दूँ कि … पढना जारी रखे

Tarun में प्रकाशित किया गया | 3 टिप्पणियाँ

गुलामी जेहन की बड़ी मुश्किल से जाती है

कुछ पोस्टों के अंश गुलामी जिस्म की रहती है जंजीर कटने तक गुलामी जेहन की बड़ी मुश्किल से जाती है | वसीम बरेलवी धीरू सिंह के ब्लॉग दरबार में मतलब यही कि इस नियमन-प्रबंधन के पीछे आखिरकार किस तरह की … पढना जारी रखे

अनूप शुक्ल में प्रकाशित किया गया | 21 टिप्पणियाँ

बशर्ते सावधान रही हो वह भी प्रणय निवेदनों से

प्रमोद सिंह अपने एकदम नये लेख में बारिश भीगे हैं और अपने दोस्त माधव को अपने यहां आने से बरज रहे हैं: माधव मत आना उस रात, तीन पाये और चार ईंटों पर टिके तखत की इस दुनिया का सब … पढना जारी रखे

अनूप शुक्ल में प्रकाशित किया गया | 20 टिप्पणियाँ

बाल सजग – ईंट भट्टों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चों का एक अतिसुंदर कोना

हिन्दी चिट्ठों में अब नए, नायाब और विशिष्ट प्रयास हो रहे हैं. बाल सजग इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है. बाल सजग के बारे में चिट्ठे पर लिखा गया है –   “बाल सजग एक हकीकत भरा प्रयास… जिसके लिए हम … पढना जारी रखे

रविरतलामी में प्रकाशित किया गया | 11 टिप्पणियाँ

शनिवार (17.07.2010) की चर्चा

नमस्कार मित्रों! मैं मनोज कुमार एक बा फिर हाज़िर हूं शनिवार की चर्चा के साथ। मंगलवार को चर्चा मंच पर एक पोस्ट आई। प्रस्तुत किया था संगीता स्वरूप जी ने। वो सप्ताह भर की कविताओं से सजी पोस्ट थी। इसने … पढना जारी रखे

कोलकाता, मनोज कुमार में प्रकाशित किया गया | 37 टिप्पणियाँ

अक्कड़ बक्कड़ बम्बे बो

इस चर्चा में दिये गये पहले लिंक को देखकर हो सकता है आप में से कुछ लोग कहें कि इस मंच का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है लेकिन हम तो यही कहेंगे कि शुक्र मनाईये कम से कम इस्तेमाल … पढना जारी रखे

Tarun में प्रकाशित किया गया | 8 टिप्पणियाँ