Category Archives: masijeevi

चित्रचर्चा: एक शब्‍द-विरोधी समय में

ब्‍लॉगजगत में समय घनघोर शब्‍दविरोधी हो चला है। उधर ज्ञानदत्‍तजी ने उम्‍मीद जाहिर की थी कि जितना जल्‍द हो सके शब्‍द का बबल बर्स्‍ट होना चाहिए। तिस पर अगर आप ये जो भी हैं अवधिया चाचा की टिप्‍पणियॉं देख रहे … पढना जारी रखे

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लेकोनिक टिप्‍पणी लेकोनिक चर्चा

लेकोनिक हमारे प्रयोगवृत्‍त  का शब्‍द नहीं है, कतई नहीं। आज ज्ञानदत्‍तजी ने अपनी पोस्‍ट में ठेला तो विशेषण के रूप में खूब जमा। श्रीश पाठक “प्रखर” का अभियोग है कि मेरी टिप्पणी लेकॉनिक (laconic) होती हैं। पर मैं बहुधा यह … पढना जारी रखे

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स्मृतिशिलाएं और पत्थरों की ढेरियॉं

अनूपजी ने अल्‍ल सुबह की पोस्‍ट में चिट्ठाचर्चा के चर्चादर्शन को साफ करते हुए एक फुरसतिया पोस्‍ट ठेली है। चर्चाकार बिरादरी की जनसंख्‍या में बढ़ोतरी की भी घोषणा की गई है- इस बीच डा.अनुराग आर्य, श्रीश शर्मा मास्टरजी उर्फ़ ई … पढना जारी रखे

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एक कर्मठ जिद की शोकगीति

खबर समकालीन जनमत से मिली बाद में पीटीआई से पुष्टि- प्रख्‍यात पत्रकार प्रभाष जोशी नहीं रहे। मशहूर पत्रकार प्रभाष जोशी नहीं रहे। 72 साल के जोशी जी का निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ। प्रभाष जोशी ने पत्रकारिता की … पढना जारी रखे

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जिन्‍हें हमारा मुल्‍क चुभता है

  वैसे तो इलाहबाद पर कुरूक्षेत्र अभी जारी है और क्या पैंतरे हैं साहब…मजा आ गया। जिसने भी अब तक हिन्‍दी चिट्ठाकारी के विवाद देखे हैं वह मानेगा कि इस प्रकरण के जैसा अब तक कुछ नहीं हुआ…तिस पर भी … पढना जारी रखे

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विशिंग ए मेनकाफुल एंड मंथरालेस नरक चौदसी टू यू

पहले कुछ दीपावली संदेशों की झलक पा ली जाए- साथी चर्चाब्‍लॉग ‘ब्‍लॉगआनप्रिंट’ अपनी सारी सज्‍जा में दीवालीमय हो गया है, वैसे नई सूचना समीर को सम्‍मान मिलने की है। समीर को बधाई। ब्‍लॉग के अनेकानेक दीपों में से एक दीपपंक्ति- … पढना जारी रखे

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बवाले जान हुआ खुदा

ईश्‍वर मध्‍ययुगीनता के प्रतीकात्‍मक अवशेष का नाम है। जब जब इंसान को यह भ्रम होने लगता है कि वह मध्‍ययुगीनता से बाहर तो नहीं आ गया वो झट से भगवान को याद कर लेता है तुरंत ही पूरी हिंस्र मध्‍ययुगीनता … पढना जारी रखे

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