Category Archives: debashish

नये हस्ताक्षर – 2

खुशी की बात है कि मुख्यधारा के मीडिया के अनेक लोग हिन्दी चिट्ठाकारी से जुड़ रहे हैं। इस औपचारिक और सधे लेखन से निश्चित ही हिन्दी चिट्ठों का रसूख़ बढ़ेगा। कुछ चिट्ठे शायद आप पढ़ चुके होंगेः गुंजन कुमार की … पढना जारी रखे

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नये हस्ताक्षर – 1

नार्थ साउथ डिवाईड और भाषाई विवादों के फेर में न पड़ कर तिरुवनन्तपुरम के निवासी चन्द्रशेखरन नायर ने अपना हिन्दी चिट्ठा शुरु किया है। ये पूर्व सैनिक हैं और अच्छी खासी हिन्दी लिख लेते हैं। अगर उनका चिट्ठा न पढ़ा … पढना जारी रखे

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संघर्ष का टिकट पास होगा, सुविधा का रिजर्वेशन नहीं

चर्चा में सबसे पहले तो सभी चिट्ठाकारों और उनके परिवार को रंगों के पुनीत पर्व होली की गुलाल भरी शुभकामनायें। तरकश ने इस अवसर पर ठिठौली की मस्तीभरे कार्टून और “मस्त चकाचक भंग के नशे में दी गई उपाधियाँ”। हिन्दी … पढना जारी रखे

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धर्म से पहले जीवन आता है

सूचक आशावान व्यक्ति हैं, अब भी टीवी बहसों में मर्यादा की अपेक्षा रखते हैं। एक चैनल को क्या सूझी कि वो दो समझदारों के साथ “वन साइज डजेंट फिट एवरी वन” पर बहस करे…सवाल ये है कि क्या ये बहसें … पढना जारी रखे

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देर है पर अंधेर नहीं

चर्चा के दरबार में देर है पर अंधेर नहीं, यह साबित करने के लिये पेश आज की डीलेड चर्चा। केबल पर पैनल चर्चाओं में समय के टोटे का हाल सुना रहे हैं अज़दक, पर मृणाल थोड़ी गंभीरता से कह रहे … पढना जारी रखे

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सिंहासन पर बैठा, उनके तमगे कौन लगाता है?

मित्रों चिट्ठा चर्चा में आये अवरोध के लिये क्षमाप्रार्थी है यह दल। मेरी ओर से प्रस्तुत हैं २६ जनवरी के चिट्ठों की संक्षिप्त चर्चा। गणतंत्र दिवस के अवसर पर अनूप ने प्रकाशित किया हरिशंकर परसाई का लेख ठिठुरता हुआ गणतंत्र, … पढना जारी रखे

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सीमित बुद्धि के कयासी निष्कर्ष

मेहरबान कद्रदान, आज की चिट्ठा चर्चा में तेज़ सुर्खयों का करें पान गाँधी पर बहस बढ़ी जा रही है। पहले अनूप ने सृजन शिल्पी को छेड़ दिया, उसके बाद सागर के बाबा रामदेव द्वारा कवि प्रदीप को चापलूस पुकारने के … पढना जारी रखे

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