Category Archives: chitthacharcha

धूल की मोटी परतें हैं पर उन परतों पर नहीं हैं कहीं अब उन नंगे पैरों के निशान……

आप में से जो लोग कविता पढ़ने (लिखने–भर नहीं) में रूचि रखते हैं उन्होंने गहरी संवेदनात्मक से लेकर विचार–प्रखर तक और आग लगा देने वाली से लेकर नथुने फड़काने वाली तक कई प्रकार की कविताएँ सुनी – पढ़ी होंगी। वैसे … पढना जारी रखे

chitthacharcha, Kavita Vachaknavee में प्रकाशित किया गया | 29 टिप्पणियाँ

एक और अनेकः सच्चा शरणम् अखिलं मधुरम्

कभी पहले जब मैं नियमित चर्चा करता था तब मैं ज्यादा से ज्यादा उन चिट्ठों को टटोलता था जो भीड़ में गुम से रहते थे। अपनी इस कोशिश में कई अच्छे लिखने वालों का पता चला था जिनमें से ज्यादातर … पढना जारी रखे

chitha charcha, chitthacharcha, ek aur anek, Tarun में प्रकाशित किया गया | 16 टिप्पणियाँ

एक और अनेकः अशोक का कृषि दर्शन

अपने पर्सनल चिट्ठे पर जब मैं दूरदर्शन के पुराने दिनों की याद कर रहा था तो उसमें डा अनुराग ने एक टिप्पणी में कहा था, जो एक प्रोग्राम कुछ खासा अच्छा नही लगता था वो था कृषि दर्शन, कमोबेश यही … पढना जारी रखे

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झूले में पवन के आई गीतों की बहार

मैं यूँ ही इस तरफ चला आया तो खामोशी देखी, जहाँ गीत बजने चाहिये थे वहाँ सन्नाटा बिखरा हुआ था। जब सारे विश्व में शांति का बैंड बजा हुआ हो तो ये शांति हमें यहाँ कैसे सुहाती लिहाजा पेशे खिदमत … पढना जारी रखे

chitha charcha, chitthacharcha, Tarun में प्रकाशित किया गया | 8 टिप्पणियाँ

एक और अनेकः महेन की बतियां

उन्मुक्त होने में जो आनंद है वो नियमित होने में नही, इसमें बंधन खुल से जाते हैं। फुरसतिया ने चर्चा से जाने पर अनियमित चर्चा करने की बात करी, लेकिन मेरा चर्चा छोड़ना किसी बंधन की वजह से नही था। … पढना जारी रखे

chitha charcha, chitthacharcha, Tarun में प्रकाशित किया गया | 22 टिप्पणियाँ

गीत सुनोगे हुजूर या गजल सुनाऊँ

चर्चा में इस ख्याल से फिर आ गया हूँ मैं, शायद मेरे जाने से मुर्झा गये हों आप। लेकिन ऐसा मेरा मानना है, आप लोग तो सोच रहे होंगे – जाने से उसके चर्चा से खुश हो गये थे सब, … पढना जारी रखे

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ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय

आज वी डे है यानि वैलेंटाईन डे, आज ये हमारी आखिरी चर्चा भी है, आज के बाद किसी और शनिच्चर को आना होगा। आज अपनी आखिरी चर्चा वैलेंटाईन दिवस की शुभकामनाओं के साथ समर्पित करके जा रहा हूँ उन बुजुर्गों … पढना जारी रखे

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