Category Archives: समीर लाल

टैगलाइन चर्चा 2

  तो, जैसा कि पिछले हफ़्ते वादा था, प्रस्तुत है टैगलाइन चर्चा – दूसरा व अंतिम भाग. पर पहले, थोड़ा इतिहास. समीर जी से टैगलाइन का दूसरा भाग लिखने का निवेदन किया  गया तो हत्थे से उखड़ गए. बोले, ये … पढना जारी रखे

रविरतलामी, समीर लाल में प्रकाशित किया गया | 14 टिप्पणियाँ

पूरा विश्वास उठ चुका है!!!

फुरसतिया जी का हम पर से पूरा विश्वास उठ चुका है. उठ भी जाना चाहिये. ऐसी हरकत बार बार कि अभी चर्चा कर रहे हैं, करते हैं, करेंगे और फिर नहीं कर पायेंगे कब तक कोई झेले. मगर हमारी भी … पढना जारी रखे

उड़न तश्तरी, चर्चा, चिट्ठा चर्चा, समीर लाल, Blogger, chitha charcha, chithacharcha, chithha charcha, sameer lal में प्रकाशित किया गया | 17 टिप्पणियाँ

मैडम आपको क्या परेशानी है??

शीर्षक देखकर भागे चले आये मानो कि बम फूटा हो. अरे महाराज, संदर्भ तो समझ लो कि दौड़ते ही रहोगे? यह ब्रह्म वाक्य नीलिमा जी की उस पोस्ट का हिस्सा है जिसमें वो बुजुर्गों के और नई पीढ़ी के बीच … पढना जारी रखे

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और भी काम हैं जमाने में…

जब दो तीन महिने भारत से ठकुरासी करके लौटते हैं तो पहले दिन ऒफिस जाते ही दस मिनट हालचाल पूछने का शिष्टाचार निभाने के बाद ऐसा काम लादा जाता है कि प्राण ही निकल आते हैं. लगता है कि गये … पढना जारी रखे

उड़न तश्तरी, चिट्ठचर्चा, समीर लाल, हिन्दी, हिन्दी चिट्ठाचर्चा, blogs, chitha charcha, debashish में प्रकाशित किया गया | 23 टिप्पणियाँ

आज की भड़भड़िया चर्चा

आज अनजाने में ही एक चिट्ठाचर्चा , हमारी चर्चाकारी से बेहतर, वैसे ही हो चुकी है जो कि हमारे मित्र जगदीश भाटिया ने अपने अनोखे और निराले अंदाज में की है. हम तो उसे ही कट पेस्ट कर देते. परमिशन … पढना जारी रखे

चिट्ठा चर्चा, मध्यान्हचर्चा, समीर लाल, chitha charcha, chithacharcha, chithha charcha में प्रकाशित किया गया | 8 टिप्पणियाँ

आप गदहा लेखक नहीं हैं

आज रचना जी ने प्रण किया है कि कोई भी चिट्ठा छूटने न पाये चर्चा से और वो भी पद्य में. हमने सोचा कि यह तो बहुते उत्तम विचार है उत्तम प्रदेश की तरह. तो हमने सारी सत्ता उन्हें सौंप … पढना जारी रखे

चिट्ठा चर्चा, रचना, समीर लाल, chitha charcha में प्रकाशित किया गया | 9 टिप्पणियाँ

आ जा मेरी गाड़ी में बैठ जा

एक बार कुछ समय पहले महाशक्ति प्रमेन्द्र प्रताप सिंग ने एक तस्वीर पेश की थी आ जा मेरी गाड़ी में बैठ जा .बड़े लोग गाड़ी में चढ़ने को उत्सुक थे मगर गाड़ी रुकी ही नहीं, वो तो अपनी गति से … पढना जारी रखे

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