Category Archives: संजय

हिन्दू मुस्लिम खुदा और भारत

यह खिलवाड़ है, जो कईयों के लिए खेल है. खिलाड़ी खेल रहे है अपना खेल. उकसा कर तमाशा देखना, फिर बदनाम करना. क्या बाहरी दुनियाँ क्या नेट-जगत, यही खिलवाड़ जारी है. क्या अब यह खिलवाड़ बन्द करेंगे? रवि रतलामी जी … पढना जारी रखे

चिट्ठाचर्चा, संजय, chithha charcha, sanjay bengani में प्रकाशित किया गया | 6 टिप्पणियाँ