Category Archives: मध्यान्हचर्चा

आज की भड़भड़िया चर्चा

आज अनजाने में ही एक चिट्ठाचर्चा , हमारी चर्चाकारी से बेहतर, वैसे ही हो चुकी है जो कि हमारे मित्र जगदीश भाटिया ने अपने अनोखे और निराले अंदाज में की है. हम तो उसे ही कट पेस्ट कर देते. परमिशन … पढना जारी रखे

चिट्ठा चर्चा, मध्यान्हचर्चा, समीर लाल, chitha charcha, chithacharcha, chithha charcha में प्रकाशित किया गया | 8 टिप्पणियाँ

मध्यान्हचर्चा दिनांक : 19-03-2007

(आप सभी को भारतीय नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाऐं)संजय कक्ष में प्रवेशते देख धृतराष्ट्र ने व्यंग्य किया,” आओ, संजय. नियमितता कोई तुमसे सीखे. संजय ने आँखें चुराते हुए लैपटॉप पर नजरे गड़ा दी. घृतराष्ट्र : यहाँ वहाँ के टंटो में टाँग … पढना जारी रखे

मध्यान्हचर्चा, संजय बेंगाणी, sanjay bengani में प्रकाशित किया गया | 2 टिप्पणियाँ

मध्यान्हचर्चा दिनांक : 20-01-2007

टी-ब्रेक हुआ ही था, धृतराष्ट्र अपने कक्ष में कदम रख रहे थे, चपरासी कोफी तैयार करने में लगा था. और संजय? वे तो पहले से ही कक्ष में मौजूद थे. लैपटोप पर संजाल का संचार हो गया था. भाषाकिय प्रतिबधता … पढना जारी रखे

मध्यान्हचर्चा में प्रकाशित किया गया | 3 टिप्पणियाँ

मध्यान्हचर्चा दिनांक : 19-01-2007

धृतराष्ट्र कक्ष में कोफी का आनन्द ले रहे थे. मध्यान्हचर्चा का क्रम टूटा हुआ था, आजभी संजय के आने की उम्मीद उन्हे कम ही थी, इसलिए टी-टाइम में अक्षरग्राम के नए अवतार का अवलोकन कर रहे थे. तभी संजय ने … पढना जारी रखे

मध्यान्हचर्चा में प्रकाशित किया गया | 1 टिप्पणी