Category Archives: चिट्ठा चर्चा

शनिवार (25/06/2010) की चर्चा

नमस्कार मित्रों! मैं मनोज कुमार एक बार फिर हाज़िर हूं शनिवार की चिट्ठा चर्चा के साथ। तो चलिए अब चर्चा शुरु करते हैं। आलेख कारोबारी हितों के नीचे दबा है मीडिया बता रहे है भड़ास blog पर V I C … पढना जारी रखे

कोलकाता, चिट्ठा चर्चा, मनोज कुमार में प्रकाशित किया गया | 15 टिप्पणियाँ

एक नन्हीं सी बेटी बड़ी हो गई

नमस्कार मित्रों! मैं मनोज कुमार एक बार फिर चिट्ठा चर्चा के साथ हाज़िर हूं। अदत से लाचार हूं। चर्चियाने से पहले बतियाने की आदत सी पड़ गई है। हमें लगता है हमें ऐसा समाज बनाना चाहिए जिसमें जाति, जातिसूचक शब्‍द, … पढना जारी रखे

चिट्ठा चर्चा, मनोज कुमार में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

समय परे ओछे बचन, सब के सहे रहीम

  नमस्कार मित्रों! एक बार फिर शनिवार की चिट्ठा चर्चा के साथ हाज़िर हूँ।   गर्मी बहुत बढ गई है। ऐसे गर्म माहौल में पहले तो सोचा कि आज छोड़ ही दूँ चर्चियाना। पर फिर याद आया कि एक दायित्व … पढना जारी रखे

चिट्ठा चर्चा, मनोज कुमार में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

गेंहूँ, गेंहूँ से ब्‍याहा…घुन की जान बची

अदालत का फैसला आ गया है, बात अब क्‍लोजेट से बाहर है। चर्चा के लिए कीबोर्ड थामने से पहले ही पता था कि अंगी भाव समलैंगिकता ही पाई जाएगी पर उम्‍मीद के खिलाफ यहॉं पाया कि कम लोग सीधे सीधे … पढना जारी रखे

चिट्ठा चर्चा, चिट्ठाचर्चा, मसिजीवी, chithacharcha, masijeevi में प्रकाशित किया गया | 12 टिप्पणियाँ

कुझ रुख मैनूं पुत लगदे ने, कुझ रुख लगदे माँवाँ

कल एक समाचार आ रहा था कि विश्व में जिस देश को अपनी सुरक्षा का खतरा जहाँ से हुआ उसने उसे तबाह कर दिया। उदाहरण के रूप में अमेरिका का लादेन की खोज में अफगानिस्तान, इजरायल को तो अभी अभी … पढना जारी रखे

चिट्ठा चर्चा, हिन्दी चिट्ठाचर्चा, chitthacharcha, hindiblogs, INDIA, Kavita Vachaknavee में प्रकाशित किया गया | 17 टिप्पणियाँ

इस चर्चा को खुद पढें दस लोगों को पढ़ने के लिए भी कहें…नहीं तो…

ये कोई शोध परिणाम नहीं सीधा साधा अवलोकन है कि कल, बोले तो सांता ताऊ के क्रिसमस वाले दिन चिट्ठे लिखे तो गए लेकिन पढ़े नहीं गए, मतलब कम पढ़े गए। ब्‍लॉगवाणी के ज्‍यादा पढ़े गए कॉलम को देखें तो  … पढना जारी रखे

चिट्ठा चर्चा, मसि‍जीवी, masijeevi में प्रकाशित किया गया | 18 टिप्पणियाँ

रोटी बनाम भाषा

अगर आप हिन्दी ब्लॉगर हैं और अब तक चने के पेड पर चढे हुए हैं तो तुरंत नीचे आजाएं ….।नीचे आगए ? अब यह पढें …”मैंने इससे कहा कि भाई, मेरी ब्लॉग पढ़। बोला कि ये ब्लॉग कौन सा “लोग” … पढना जारी रखे

चिट्ठा चर्चा, विवेक सिंह में प्रकाशित किया गया | 43 टिप्पणियाँ