Category Archives: गिरिराज जोशी “कविराज”

हम तो आवाज़ हैं दीवारों से छन जाते हैं

“हम तो आवाज़ हैं दीवारों से छन जाते हैं”, आपको ये पंक्तियाँ याद होगी, आज मजरूह सुल्‍तानपुरी की बरसी पर उनके जीवन-काल का संक्षिप्त ब्योरा लेकर हाज़िर हुए हैं श्री यूनुस ख़ान अपने चिट्ठे रेडियो-वाणी में तो गौरव प्रताप गुनगुना … पढना जारी रखे

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ब्लॉग पर कौन आये, कौन नहीं?

पिछले दो शुक्रवारों को अवकाश भोगने के पश्चात हम पुन: हाज़िर होते है। हमें अवकाश पर रहना अच्छा लगा, हम भविष्य में भी इस प्रकार अवकाश मनाते रहेंगे… आखिर भाईसा जैसे और भी धांसू चर्चाकारों को इस मंच पर जो … पढना जारी रखे

गिरिराज जोशी "कविराज", चिट्ठाचर्चा, chithha charcha, Giriraj Joshi "Kaviraj" में प्रकाशित किया गया | 5 टिप्पणियाँ