Monthly Archives: मई 2010

बधाई,विडंबना, बहादुरी, अपनापन,कहानी और ब्लॉगिंग

अल्पना जी का नाम लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्डस में शामिल किया गया—-बधाई पोस्ट का यह शीर्षक जब मैंने देखा और उत्सुकतावश देखा तो पता चला कि अल्पना देशपांडे जी का नाम ग्रीटिंग कार्ड बनाने के लिये लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स … पढना जारी रखे

अनूप शुक्ल में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

…ये दुनिया की सबसे प्यारी आँखें हैं

ये फ़ोटो नीरज जाट की पोस्ट से लिया है। इसके बारे में लिखते हुये नीरज ने लिखा है: त्रिवेणी झरने का विहंगम दृश्य। त्रिवेणी नाम कहीं भी लिखा नहीं मिलेगा। मैं केवल सुविधा के लिये इस शब्द का इस्तेमाल कर … पढना जारी रखे

अनूप शुक्ल में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

जेसिका, मित्रता, नास्टेलजिया, बापी , कृष्ण और पापुलर मेरठी

कल अभय ने जुझारू जेसिका के बारे में जानकारी दी! देखिये: सात मास समुद्र में अकेले! चालीस फ़ुट ऊँची लहरों के मुक़ाबिल एक ‘अबला’ षोडशी? जिसके लिए एक आम राय ये बन रही थी कि उसके माँ-बाप ने उसे एक … पढना जारी रखे

अनूप शुक्ल में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

चिट्ठा चर्चा – बरास्ते हिमांशु मोहन

किसी समय चिट्ठाचर्चा को जमीन में गाड़ देने की बात कहने वाले ज्ञानदत्त ने अपने आज के ब्लॉग पोस्ट में चर्चायन (मिनी चर्चा?) में एक कड़ी हिमांशु मोहन के ब्लॉग की पकड़ाई है. वहाँ जाने पर कड़ी पे कड़ी जुड़ती … पढना जारी रखे

रविरतलामी में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

समय परे ओछे बचन, सब के सहे रहीम

  नमस्कार मित्रों! एक बार फिर शनिवार की चिट्ठा चर्चा के साथ हाज़िर हूँ।   गर्मी बहुत बढ गई है। ऐसे गर्म माहौल में पहले तो सोचा कि आज छोड़ ही दूँ चर्चियाना। पर फिर याद आया कि एक दायित्व … पढना जारी रखे

चिट्ठा चर्चा, मनोज कुमार में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

…गलत जो बात लगती है गलत ही मैं बताता हूं

आज की चर्चा की शुरुआत 10 मई की ऐतिहासिक घटना की याद से। 10 मई 1857 की याद में के द्वारा कृष्ण कुमार यादव पहले स्वतंत्रतता संग्राम की याद करते हैं!   1857 की क्रान्ति को लेकर तमाम विश्लेषण किये … पढना जारी रखे

अनूप शुक्ल में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

चिट्ठे को भी सोशियल नेटवर्किंग बना दिया है

कल मदर्स डे के मौके पर रवि रतलामीजी चर्चा की थी उसमें कल तक प्रकाशित पोस्टों के जिक्र किये थे। देखियेगा। इस मौके पर बोधिसत्व ने भी कवितायें पोस्ट कीं। एक में वे अपनी मां से दिल्ली के नाम पर … पढना जारी रखे

अनूप शुक्ल में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे