Monthly Archives: जून 2009

ब्लॉगिंग बच्चों का खेल नहीं जानी : इक आग का दरिया है और डूब के जाना है

ब्लॉगिंग का माया को समझने की कोशिश में आने वाली पोस्टें एक फैशन का रूप लेती जा रही हैं ! हर नया पुराना ब्लॉगर कुछ दिन अपने को ब्लॉगिंग में खपाकर , झोंककर इस मकडजाल में उलझकर इसकी विवेचना करने … पढना जारी रखे

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कुश की टिप्पणी और हमारी प्रतिटिप्पणी

कल की चर्चा में कुश की पोस्ट के संदर्भ में मेरी टिप्प्णी थी: कुश सुमन्तजी की टिप्पणी सटीक लगी इसीलिये इसे यहां पोस्ट करना जरूरी लगा। ड्रामेबाजी शब्द कुछ ज्यादा कड़ा और गैरजरूरी लगा था मुझे इसीलिये फ़िर उसको स्पष्ट … पढना जारी रखे

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सुन बे गुलाब …सरकार की भाषाई अक्षमता

क्रिकेट विश्वकप में भारतीय टीम हार गई. अब हार गई तो हार गई. खेलने गए हैं तो कोई ज़रूरी तो नहीं कि जीतेंगे ही. दो खेलेंगे तो एक हारेगा ही. ट्वेंटी-ट्वेंटी के खेल में मैच ड्रा नहीं हो पाता. ड्रा … पढना जारी रखे

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हिंदी का गोर्की, निरापद लेखन और टिप्पणी/प्रतिटिप्पणी

उदय प्रकाशजी दो महीने पहले हिंदी कथा साहित्य के महान कथाकार जैनेंद्र जी का घर देखने गये। वहां जाने और घर खोजने की तथा इस दौरान अपने मन के भाव उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखे हैं। घर के आसपास उनके … पढना जारी रखे

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ब्लागिंग एक बवाल है, बड़ा झमेला राग

ब्लागिंग एक बवाल है, बड़ा झमेला राग,पल में पानी सा बहे, छिन में बरसत आग! भाई हते जो काल्हि तक,वे आज भये कुछ और,रिश्ते यहां फ़िजूल हैं, मचा है कौआ रौर! हड़बड़-हड़बड़ पोस्ट हैं, गड़बड़-सड़बड़ राय,हड़बड़-सड़बड़ के दौर में,सब रहे … पढना जारी रखे

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गोलू पांडे और राम प्यारी का रिश्ता तय हो गया है

अजय कुमार झा के हवाले से खबर मिली है कि गोलू पांडे और राम प्यारी का रिश्ता तय हो गया है। विस्तार से खबर इस प्रकार है: गोलू पांडे(लीजिये गोलू पाण्डे को नहीं जानते ,,ये श्वान कुमार ज्ञान जी के … पढना जारी रखे

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टैगलाइन चर्चा 2

  तो, जैसा कि पिछले हफ़्ते वादा था, प्रस्तुत है टैगलाइन चर्चा – दूसरा व अंतिम भाग. पर पहले, थोड़ा इतिहास. समीर जी से टैगलाइन का दूसरा भाग लिखने का निवेदन किया  गया तो हत्थे से उखड़ गए. बोले, ये … पढना जारी रखे

रविरतलामी, समीर लाल में प्रकाशित किया गया | 14 टिप्पणियां

शनीचरी चर्चा केवल एकलाईना

छोटे वस्त्र: दुर्व्यवहार करने का न्योता ! : मोहल्ले की खास पेशकश ब्लागिंग नहीं करोगे तो ये तो होगा ही :दिन दहाड़े ठग लेगा कोई ताऊ का चेला श्रीमान-श्रीमती के बीच नारीवादी विमर्श: चालू आहे निरापद लेखन:की तरफ़ अग्रसर हुये … पढना जारी रखे

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अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मे हमारी पंक्चर जोडाई माने आज की चिट्ठा चर्चा

बचपन मे हम एक खेल खेला करते थे- कानाफूसी । इस खेल मे बच्चे गोल दायरे मे बैठ जाते हैं , एक बच्चा बगल वाले बच्चे के कान मे कोई बात या शब्द फुसफुसाता है , फिर बगल वाला बच्चा … पढना जारी रखे

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क्‍या भूत प्रेत और जिन्‍न भी प्‍यार करते हैं?

प्यार करना निहायत ही बेसिक मानवीय भाव है. लेकिन महामंत्री तस्लीम पूछते हुए बरामद हुए कि; “क्‍या भूत प्रेत और जिन्‍न भी प्‍यार करते हैं?” बड़ा कठिन सवाल कर दिया है भाई. भूत-प्रेत की बातों की जानकारी रखना इंसान के … पढना जारी रखे

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