कुश की कलम से चिट्ठा चर्चा

नमस्कार मित्रो,

ब्लॉग पर कुछ लिखने का मन नही कर रहा है पर सोचा की चर्चा तो की ही जा सकती है.. फिर हम समीर जी की तरह तो है नही की बैठकर आशारम बापू की तरह उपदेश ही देते रहे.. इसलिए सोचा चर्चा कर ले और लगे हाथ मठाधिशो को थोड़ी फ़ुर्सत भी मिल जाए.. आप लोगो की कुछ समझ में नही आ रहा होगा की मैं क्या कह रहा हू.. दरअसल आज की चर्चा करने के लिए मैं डा.अमर कुमार जी की एनर्जी ड्रिंक में डुबकी लगा कर आया हू.. हालाँकि एनर्जी की हिन्दी करू तो पांडे जी का कॉपी राइट हो जाएगा.. ज़्यादा बकवास ना करते हुए आइए हम नज़र डालते है आज की ताज़ा खबरो की तरफ..

कल शाम शोले फिल्म की तर्ज पर ब्लॉग जगत के वीरू हाथ में लस्सी का गिलास लेकर टंकी पे चढ़ गए.. दिन भर पूरे गाँव ने उनको वापस बुलाने के लिए झाड़ फूँक करवाए.. देर रात खबर मिलने तक पता चला की वीरू जी मान गए और वापस ब्लॉगिंग में लौट आए.. हालाँकि इन सब में रज़िया खाला के अब्बू जन्नत की सैर पर निकल लिए…

एक और खबर के अनुसार कल दिन भर फायर ब्रिगेड की गाडियो की आवाजाही रही.. भड़कते हुए कमेंट पर भड़कती हुई पोस्ट बुझाने के लिए.. पर हमेशा की तरह नगर निगम की दमकालो ने दम तोड़ दिया.. आस पास के कुछ साहसी लोगो ने बाल्टियों से आग बुझाने की कोशिश की पर तब तक काफ़ी लोग झुलस गये थे..

वही कल पुलिस ने विक्टोरिया मेमोरियल हाल के बाहर एक व्यक्ति को दुर्योधन की फर्जी डायरी के साथ पकड़ा.. पता चला है की वो व्यक्ति पिछले कई महीनो से लोगो को इस फर्जी डायरी के पन्ने पढ़ा पढ़ाकर बोर कर रहा था.. हालाँकि बाद में उस व्यक्ति द्वारा गाँधी जी की फोटो दिए जाने के बाद छोड़ दिया गया है..

अभी अभी प्राप्त जानकारी के अनुसार टिप्पणियो के चिंतन नमक पोस्ट में डा.अनुराग ने अपनी टिप्पणी छोड़ी है.. एक बार वहा नज़र मारकर चिंतन अवश्य करे..

एक और जहा हिन्दी के नाम पे लोग चोंच हिला रहे है.. वही दूसरी और ईरान का नन्हा बालक आर्यन हिन्दी में गुनगुना रहा है..

आइए अब चलते है मौसम की खबरो की तरफ..

टिप्पणियों का आसमान कल भी साफ़ था हालाँकि विवादो के बादल दिन भर छाए रहे.. पर आज शाम तक मौसम खुलने की संभावना है..

अब चलते है बाज़ार की खबरो की तरफ

डिस्प्रिन की खरीद बढ़ने से दवा बाज़ार में छाई धूम.. सूत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार अंधेरे में बाजा नामक पोस्ट पढ़ने के बाद उसके अर्थ को समझने में लोग इसे खरीदते पाए गये..

कल शाम टिप्पणियो का सूचकांक 9300.12 तक नीचे गिरा. आशा जताई जा रही है की बाल किशन जी के आने से इसमे कुछ तेज़ी की संभावना है..

अब चलते है सवाल जवाब की ओर जब हमने किए सवाल तो पोस्ट के शीर्षक कैसे बने उनके जवाब आइये देखते है..

प्र: टिप्पणी नही मिलने से परेशान ब्लॉगर ने क्या किया?
ऊ : बदन पर बम बांधकर बीवी के साथ खुद को उड़ा लिया

प्र: हिन्दी के बड़े ब्लॉगर क्या कहते हुए पाए गये?
ऊ : मालिक कुछ टिप्पणी भेज दें !

प्र: ब्लॉग लेखन को आप किस नज़र से देखते है?
ऊ : जीते जी मरने की सज़ा

प्र: समीर जी के ब्लॉग पर वापसी के बारे में क्या कहेंगे आप?
ऊ : आखिर लौट आई सुंदरी

प्र: बाल किशन जी इन दिनों क्या कर रहे है?
ऊ : कुछ बातें गौरव सोलंकी से

प्र: किसी के बारे में व्यक्तिगत टिप्पणी करने से पहले क्या चाहिए?
ऊ : दस्तावेज़ !

प्र: कोई दो नाम बताइए जो लुप्त होने की कगार पर है?
ऊ : हिन्दी सप्ताह और हिन्दी की बात ……

प्र: क्या देखकर पोस्ट ओफिस में हड़ताल हो गयी?
ऊ : समीर भाई को खुली चिठ्ठी …

तो दोस्तो ये थी आज की चिट्ठा चर्चा.. सभी ब्लॉगर मित्रो से क्षमा याचना सहित..

फिर मिलेंगे..

About bhaikush

attractive,having a good smile
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19 Responses to कुश की कलम से चिट्ठा चर्चा

  1. डा. अमर कुमार कहते हैं:

    .अरे कुश भाई, अब आप ही देख लो, आपने चर्चा की नहीं और शैतान हाज़िर !लेकिन लाख टके का सवाल यह है, किभाई यह एनर्ज़ी ड्रिंक कहाँ मिल गयीआपको ? हमको भी बता दो !चेतावनी :- आइंदा से आप ड्रिंक व्रिंक करके चर्चा नहीं किया करेंगे !यह सार्वजनिक स्थल है, भाई.. ड्रिंक करके आने पर ज़ुर्माना भी हो सकता है !लगता है कि समीर लाला की ’ स्क्रू ड्राइवर ’का ढक्कन खोलने का चांस आपने चुरा ही लिया !सज़ा प्राविधान आइंदा जो भी सज़्ज़न ( ब्लागर और.. सज्जन ? ) यहाँ ड्रिंक करके आयेंगे वह पूरे हफ़्ते चर्चा किया करेंगे । सीनियर ब्लागर्स कृपया इसका अनुमोदन कर दें !

  2. Shastri कहते हैं:

    बहुत अच्छे चुनाव किये आपने!!– शास्त्री जे सी फिलिप– हिन्दी चिट्ठा संसार को अंतर्जाल पर एक बडी शक्ति बनाने के लिये हरेक के सहयोग की जरूरत है. आईये, आज कम से कम दस चिट्ठों पर टिप्पणी देकर उनको प्रोत्साहित करें!! (सारथी: http://www.Sarathi.info)

  3. ताऊ रामपुरिया कहते हैं:

    कुश जी बहुत सुंदर चर्चा ! शुभकामनाएं !@ डाक्टर अमर कुमार जी , गुरुजी हम जूनियर है , इस लिए अनुमोदन करना चाह कर भी नही करेंगे !

  4. डॉ .अनुराग कहते हैं:

    झकास है भाई …….ओर बाज़ार की खबरे तो ओर भी धाँसू….नए चिट्ठो पर चर्चा जारी रखे…..

  5. Arvind Mishra कहते हैं:

    जी अच्छी चर्चा की है आपने ,टिप्पणी चिंतन को डॉ अनुराग के हवाले से ही पढा तो दिया ,आभार !

  6. अशोक पाण्डेय कहते हैं:

    बहुत सुंदर है चिट्ठों की चर्चा.. सवाल जवाब राउंड भी हमेशा की तरह अपनी खासियत लिए है।

  7. Gyandutt Pandey कहते हैं:

    बहुत काफी के कप ढ़केले होंगे यह सब लिखने मेँ! बहुत इम्प्रेसिव!

  8. अनूप शुक्ल कहते हैं:

    बढ़िया चर्चा करी। अब कल समीरलाल की बारी है!

  9. venus kesari कहते हैं:

    कुश जी बहुत बढ़िया चिटठा चर्चा ((दरअसल आज की चर्चा करने के लिए मैं डा.अमर कुमार जी की एनर्जी ड्रिंक में डुबकी लगा कर आया हू.. ))समझने वालों के लिए इशारा ही काफी होता है :)पहले सवाल जवाब ने दिल खोल कर हंसने पर मज़बूर कर दिया उत्तर काफी विस्फोटक था अब हमको समझ में आया समीर जी क्यों हर ब्लॉग पर टिपियाते है 🙂 🙂 वीनस केसरी

  10. Udan Tashtari कहते हैं:

    इतनी बेहतरीन चर्चा है कि सीनियर न होते हुए भी डॉ अमर का अनुमोदन किये देता हूँ.

  11. Lovely kumari कहते हैं:

    सुंदर लिखा कुश अभी अभी ही देख पाई हूँ..(इसे घूस न समझा जाए 🙂 ) आपकी कलम वाकई लाज़वाब है.

डॉ .अनुराग को एक उत्तर दें जवाब रद्द करें

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