वैसे आप कहाँ के हैं?

१.चालाकी और पश्चाताप :एक सौ रूपये का चूना लगा कर नौ दो ग्यारह हो गये।

२. स्त्री :कबीलों की लड़ाई में सबसे क़ीमती सामान।

३. तुम सँध्याके रँगोँ मेँ आतीँ, हे सुँदरी, साँध्य रानी ..:तो क्या गजब का मैचिंग कम्बीनेशन होता!

४.तरक्की का यही है खेल :पढें फारसी बेचें तेल!

५. हर तरफ़ संत्रास अब मैं क्या करूं आशा ?: ऐसी भी क्या निराशा अभी आगे है बहुत तमाशा!

६.ईश्वर आज अवकाश पर है :बड़ी खराब आदत पड़ गई है ईश्वर की , जब देखो छुट्टी पर बैठ जाता है!

७. बहस करना है तो फोरम में आईये: बहस के लिये कौन फ़ोरम चाहिये, जहां खड़े हैं वहीं से शुरू हो जाइये! यही लेटेस्ट फ़ैशन है जी!

८.ये लोकतंत्र है बाबू :यहां पर कुछ भी हो सकता है।

९. हद में रहें सुप्रीम कोर्ट के जज: ख़ुद सुप्रीम कोर्ट ने कहा!: माननीय सुप्रीम कोर्ट कुछ भी कह सकती है भाई!

१०.भारतीयों अंग्रेजी सीखो : वर्ना हिंदी में ही बतियाते , टापते रह जाओगे!

११. एक एक कर सब बिक गए!: पर हमारे लिये कौनो बोलियै नहीं लगा!

१२.सहारनपुर पुलिस- तोंद या पोस्ट : बस ‘टू इन वन’ समझिये!

१३.हंसिये अगर हंस सकते है…. बिना बात के : हंसी तो हमेशा बेबात ही होती है।

१४.पनीर टमाटर ओर नुडल्स सलाद : बनाकर बहुत जल्द खिलाने वाली हैं रंजूजी!

१५.एक अलग पहचान ! : की क्या जरूरत है यार!

१६. शराब छोड़ना चाहता हूं …..: लेकिन डरता हूं कि बेवफ़ा कहलाऊंगा!

१७.शाम की उनफ़ती सांसें… : रात के आगोश में गुम हो गईं!

१८.चोखेर बाली का एजेंडा क्या है? :बूझो तो जाने!

१९. जीवन का यह सच भी देखा: ये दिन भी देखने बदे थे कि सच देखना पड़ा!

२०.लोग सच बोलने से क्यों डरते है : क्योंकि झूठ बोलने का मजा ही कुछ और है।

२१.नकली उमाशंकर सिंह से सावधान! :क्योंकि सावधानी हटी दुर्घटना घटी!

२२. ब्लॉगवाणी, इस बहस को आगे बढ़ाओ!:ताकि हल्ला-गुल्ला हो और दिल लगा रहे।

२३. वैसे आप कहाँ के हैं?:कहते हुये डर लगता है!

२४.अपने प्यार को एक नाम दो :क्या पता कल हिट हो जाये लैला-मजनू की तरह!

२५.बाप नहीं सिर्फ उसकी दौलत चाहिये ! : जो दौलत देगा वही सच्चा बाप होगा!

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8 Responses to वैसे आप कहाँ के हैं?

  1. पूरे पच्चीस चिट्ठों का विवरणरजत जयंती शुभ हो.

  2. Gyandutt Pandey कहते हैं:

    छब्बीसवां आइटम – चिठ्ठा चर्चा: वैसे आप कहां के है? : आज टपक ही पड़े सारी व्यस्तताओं के बावजूद!

  3. Udan Tashtari कहते हैं:

    आप बीच बीच में यह अच्छा कार्य भी कर ही देते हैं, बधाई. 🙂

  4. Jitendra Chaudhary कहते हैं:

    बहुत अच्छे मियां?कहाँ गायब हो आजकल, इमेल शीमेल का भी जवाब नही दिए…..बहुत बिजी हो का?चिट्ठा चर्चा जारी रहनी चाहिए, भले ही कम चिट्ठों की चर्चा हो, लेकिन हो जरुर।

  5. बाल किशन कहते हैं:

    हा! हा! हा!बहुत खूब.जमा दिए हैं. एकदम आइसक्रीम जइसन

  6. anitakumar कहते हैं:

    चिठ्ठाचर्चा वापस आयी बहार आयी॥ एक एक टिप्पणी जोरदार

  7. mamta कहते हैं:

    कुछ चिट्ठे छूट गए थे आपकी बदौलत अब उन्हें पढ़ लेंगे।

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