एक लाइन की चर्चा

लो जी, हम भी आ पहुँचे, जैसा कि आदेश हुआ कि चिट्ठा चर्चा के सभी चर्चाकारों को एक लाइन की चर्चा करनी जरुरी है तो लो जी, झेलो। देखो भाई, पसन्द आए तो कमेन्ट करना और ना पसन्द आए तो टिप्पणी करना। पहला प्रयास है, अगर इसको बन्द करवाना है तो कमेन्ट करना जरुरी होगा। तो भाई झेलो, नारद पर शामिल १५ अगस्त २००७ के चिट्ठो की चर्चा

जुगाड़ी लिंक : तुम्हरा जुगाड़ तुम्हारे काम नही आया, देखो हिंदी की जगह का दिखा रहा है?

मेरी चिंताएं :शुकु्ल की लम्बी पोस्ट पढना।
लोहे का स्वाद :कैल्शियम सैंडोज मे। अब बड़े पैक मे।
ठीक नही आपका इतना मुस्कराना : क्योंकि सफ़र अभी बाकी है
स्वतन्त्रता दिवस की बधाई : लेट तो नही हुए.. बीत गया पंद्रह अगस्त
कंडोम सांग इन तेलगू : अनुवाद करके सुनाओ ना।
क्या तरक्की है हाउसवाइफ़ की : हाँ सचमुच मानना पड़ेगा, क्योकि मै अभी भी जिन्दा हूँ
साठ साल की आजादी आपके लिए क्या मायने रखती है? : सफ़ेद कुर्ता-पायजामा और टोपी पहनने का बहाना।
टैक्‍नोराटी के मोर्चे पर चिट्ठाजगत ने नारद को पछाड़ा : गलती से मिस्टेक हो गया….भूल चूक लेनी देनी।
आगरा : हथिया लिया ताज मोमेंटो : गनीमत समझो, ताजमहल वहाँ छोड़ दिया, बहनजी के आदेश का पालन करते तो…..
बिलीव इट आर नाट : अंग्रेजी के टाइटिल मे दम होता है।
स्वतंत्रता आज भी कुछ मांग रही है? : ले लो तिरंगा प्यारा
मुझे ये कापी लग रही है : हाँ, फोटो कापी तो ले ली, पैसे दिए बिना भाग गया।
हम लोग : अब ब्लॉग लिखेंगे।
मनमोहन जी कैसे करिएगा शिक्षा क्रांति? : मैडम से पूछ कर बताएंगे।
एक करोड़ का इनाम टीम इंडिया को : ये वही टीम है, जिसको करोड़ो लोगो ने जूतों की माला पहनाई थी। पहले जूते, अब रुपए..वक्त बदलते देर नही लगती…

हिंदी टूलबार के चिट्ठे पर आपका स्वागत है: ह्म्म! हैडर मे टूलबार का स्क्रीन शाट तो लगाओ भाई।
राष्ट्रगान मे ये भारतभाग्य विधाता कौन है? : एल्लो, इत्ता भी नही पता? हमको भी नही पता।

राम भरत मिलाप : ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार।

ज़िन्दगी एक सफर है सुहाना.. : हाँ, यहाँ कल क्या हो किसने जाना?

अब भाई, बाकी लोग जो छूट गए हो, वो यहाँ टिप्पणी करें (जानबूझ कर छोड़े है, इसी बहाने, कम से कम चार पाँच टिप्पणियां तो आएंगी), टिप्पणी मिलते ही चर्चा कर दी जाएगी।

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attractive,having a good smile
यह प्रविष्टि चिट्ठाचर्चा, जीतू, chitha charcha, chithacharcha में पोस्ट की गई थी। बुकमार्क करें पर्मालिंक

14 Responses to एक लाइन की चर्चा

  1. Amit कहते हैं:

    वाह, क्या बात है। 🙂

  2. Sanjeet Tripathi कहते हैं:

    हा हा!!मस्त है!!अपन नई छूटे है फ़िर भी टिपिया रहे हैं ( अगली बार के लिए एडवांस में)चर्चा में चिट्ठा शामिल करने के लिए आभार

  3. Shrish कहते हैं:

    मजेदार! वैसे इस वन-लाइनर चर्चा के लिए क्या पोस्ट भी छोटी लिखनी होती है, हमसे कमबख्त अब छोटा तो लिखा ही नहीं जाता, कितनी कोशिश कर लें।

  4. संजय तिवारी कहते हैं:

    यह विधा है बहुत कारगर. ज्यादा चिट्ठे शामिल होतें हैं और चर्चाकार को अपनी टिप्पणी टीपने का मौका भी मिल जाता है. इसको खड़ी चर्चा कहें तो कैसा रहेगा?

  5. Dard Hindustani कहते हैं:

    बहुत अच्छे। थोडी और कसावट लाये।

  6. Udan Tashtari कहते हैं:

    @ पहला प्रयास है, अगर इसको बन्द करवाना है तो कमेन्ट करना जरुरी होगा। –\\–तब यह लो टिप्पणी. बहुत बढ़िया. साधुवाद.ठीक से ताला लगाना!! 🙂

  7. Gyandutt Pandey कहते हैं:

    नयी बोतल में पुराना जीतेन्द्र बहुत अच्छा है. हां यह कमेण्ट इसलिये कि आज तो हमें भूला नहीं गया, भविष्य में भी हमें न छोड़ा जाये 🙂

  8. mamta कहते हैं:

    चर्चा तो बहुत ही मस्त है पर एक साल पहले की लिखी लगती है :)हमे शामिल करने के लिए धन्यवाद !!दरअसल आपने २००७ की जगह २००६ लिख दिया है।और हाँ कमेंट और टिपण्णी दोनो कर रहे है।

  9. Jitendra Chaudhary कहते हैं:

    सभी का टिप्पणी करने का धन्यवाद, चिट्ठा चर्चा पर विश्वास बनाए रखें और इसी तरह से टिप्पणी करते रहें।ममता जी, आपका बहुत बहुत धन्यवाद, भूल-सुधार कर दिया गया है।

  10. अनूप शुक्ला कहते हैं:

    बहुत बुरी तो नहीं है चर्चा। 🙂 ऐसे ही करते रहो तो मजा भी आयेगा। हां, तुम हमारे लेख को आफ़त कहते हो, ये चर्चा बहुत मंहगी पढे़गी। 🙂

  11. अनूप शुक्ला कहते हैं:

    बहुत बुरी तो नहीं है चर्चा। 🙂 ऐसे ही करते रहो तो मजा भी आयेगा। हां, तुम हमारे लेख को आफ़त कहते हो, ये चर्चा बहुत मंहगी पढे़गी। 🙂

  12. अनूप शुक्ला कहते हैं:

    बहुत बुरी तो नहीं है चर्चा। 🙂 ऐसे ही करते रहो तो मजा भी आयेगा। हां, तुम हमारे लेख को आफ़त कहते हो, ये चर्चा बहुत मंहगी पढे़गी। 🙂

  13. अनूप शुक्ला कहते हैं:

    बहुत बुरी तो नहीं है चर्चा। 🙂 ऐसे ही करते रहो तो मजा भी आयेगा। हां, तुम हमारे लेख को आफ़त कहते हो, ये चर्चा बहुत मंहगी पढे़गी। 🙂

  14. akn कहते हैं:

    momento taj ki tarah ek dharohar jai . ise taj pariser me hi rakha jana chahihe.

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