होली पर चर्चा करी आज उड़ा कर रंग

होली का उड़ने लगा है गलियों में रंग
रतलामी जी घोलते ठंडाई में भंग
नंदगांव जीतू गये, बरसाने श्री शुक्ल
चिट्ठा चर्चा कीजिये आप हमारे संग

लोकमंच पर देखिये, जाकर नौ दस पोस्ट
ये न समझिये पी रखी हमने भी है पोस्त
कुछ जो मेरी कलम से गया लिखा है आज
आधे जीवल की कथा है वह, मेरे दोस्त

एक क्लिक तरकश हुआ, नारद भी बस एक
चले आज दिव्याभ हैं रथ को ले सविवेक
ई पंडित बतला रहे आडम्बर का धर्म
ऐसे गुरुओं को उठा अब दरिया में फ़ेंक

यक्ष प्रश्न को हल करें हिन्दी वाली बात
क्यों ? मंथन करती रही बचपन की सौगात
प्रभासाक्षी संकलन में करते गिरिराज
दुनिया मेरी नजर में, है सरगम दिन रात

मेरे पन्ने पर पढ़ें ज़ेड गुडी के भेद
कैसे रेटिंग की हुई उनके साथ परेड
लिखते चिट्ठा मैथिली आज यहां अविनाश
महाशक्ति बोले कि अब मेरे उत्तर देख

चिट्ठाकारी पर करें पुन: नीलिमा शोध
और कहें उन्मुक्त जी, वर्षगांठ है सोच
एक नजरिया और का भी है पूरा वर्ष
वर्षगांठ शुभ आपको,बोले दिल के बोल

देखें या सीतामढ़ी या कि सिनेमा आप
जोगलिखी संजय मगर, देंगे नये जवाब
धारावाहिक अमित का देश योद्धा वीर
स्ट्रिन्ग्स को जानें यहाँ आकर आप जनाब

जन्म दिवस भुवनेश का, नमन करें कविराज
कथा सत्यनारायणी नहीं हो सकी आज
पर होकर रामायणी अभिलाषित हम लोग
शुभ दिन हो, शुभ वर्ष हो, पूरे हों सब काज

कविवर श्री ज्ञानेन्द्र का करे पहल सम्मान
गंगातट के वे कवि,किया शब्द संधान
पढ़ें आप्संशयात्मा, औ, पढिये भिनसार
शीश स्वयं झुक जायेगा करते हुए प्रणाम

कल परसों कुछ रह गये चिट्ठे चर्चाहीन
उड़न तश्तरी एक था, गिनता था दो-तीन
बाकी खुद ही ढूँढ़िये नारद के संग आप
इतने ज्यादा हो नहीं पाये वे प्राचीन

और यहां पर बर्फ़ अभी भी गिरी कल तलक शाम को
यही चित्र में लगा रहा हूँ. अब इस पूर्ण विराम को

p>

Advertisements

About bhaikush

attractive,having a good smile
यह प्रविष्टि Uncategorized में पोस्ट की गई थी। बुकमार्क करें पर्मालिंक

6 Responses to होली पर चर्चा करी आज उड़ा कर रंग

  1. अनूप शुक्ला कहते हैं:

    चर्चा चौकस! फोटो धांसू!

  2. अफ़लातून कहते हैं:

    कवि द्वारा कवि का सम्मान :”कविवर श्री ज्ञानेन्द्र का करे पहल सम्मानगंगातट के वे कवि,किया शब्द संधानपढ़ें आप्संशयात्मा, औ, पढिये भिनसारशीश स्वयं झुक जायेगा करते हुए प्रणाम”

  3. संजय बेंगाणी कहते हैं:

    अच्छी कविता रही, चर्चा भी.

  4. Divine India कहते हैं:

    शब्दों के ऊँचे तालमेल से हुआ प्रयास सुंदर हैएक-एक को लपेट उसमें किया चासनी है तैयार!!!

  5. Udan Tashtari कहते हैं:

    बहुत उमदा काव्यात्मक चर्चा. नमन और भी ज्यादा इसलिये कि आपने पुराने पृष्ठों से हमें उबारा. 🙂

  6. Shrish कहते हैं:

    वाह जी खूब रही चर्चा। पहले मैं आपकी कवितामयी चर्चा देखकर बिना पढ़े चला जाता था कि मुझे समझ नहीं आएगी लेकिन अब पढ़नी शुरु की तो मजा आने लगा।

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s